नई दिल्ली. इंडियन प्रीमियर लीग का ग्यारहवां सीजन दस्तक दे रहा है. भारतीय क्रिकेट के इस तेज तीखे और ताबड़तोड़ लीग के सभी टीमों की तैयारियां जोरो-शोरो पर है. हर टीम इसे जीतना चाहती है. लेकिन, इसमें मैदान उसी का होगा जो जोड़ियों में शिकार करता दिखेगा. ये जोड़ी बल्लेबाजी में तो जमनी ही चाहिए लेकिन अगर गेंदबाजी में जोड़ी जम गई तो फिर जीत निश्चित है. विराट की IPL टीम यानी कि रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर में ऐसा ही एक डेडली बॉलिंग कॉम्बिनेशन है, जो जड़ियों में शिकार करता है. विराट की टीम की इस मारक जोड़ी में एक कलाई का कलाकार है तो दूसरा उंगलियों का उस्ताद. अब जरा सोचिए किए अगर साथ मिलकर ये दोनों गदर मचाएंगे तो क्या होगा. जी हां, IPL-11 में विराट की हर बिगड़ी बनती और संवरती दिखेगी. Also Read - IPL 2020: तीसरे ओवर मे नवदीप सैनी को नई गेंद दिए जाने के कोहली के फैसले से हैरान हुए गंभीर

चहल को ‘सुंदर’ साथ Also Read - IPL 2020: कप्तान कोहली ने बताया- आखिरी समय पर लिया था सिराज को नई गेंद देने का फैसला

विराट की IPL टीम के डेडली बॉलिंग कॉम्बो का अंदाज और मिजाज आपको समझाएं उससे पहले ये कौन हैं, वो जान लीजिए. इनमें एक हैं युजवेंद्र चहल, जो कि कलाई के स्पिन हैं वहीं दूसरे का नाम वाशिंगटन सुंदर है , जिन्हें उंगलियों से गेंद को नचाकर बल्लेबाज को चकमा देने में महारत है. Also Read - IPL 2020 Points Table, Orange and Purple Cap latest update: मयंक को पीछे छोड़ दूसरे नंबर पर पहुंचे धवन; शमी ने दी बुमराह को मात

जोड़ियों में करते हैं शिकार

अब जरा IPL-11 से पहले इनके उस दमदार पावरहाउस परफॉर्मेन्स पर गौर कीजिए, जिसने श्रीलंकाई सरजमीं पर खेली निदाहस ट्रॉफी के फाइनल में श्रीलंका और बांग्लादेश की बैंड बजा दी थी. निदाहस ट्रॉफी के फाइनल में चहल और सुंदर ने साथ मिलकर जोड़ियों में शिकार किया था और बूमराह, भुवी जैसे फ्रंटलाइन गेंदबाजों की गैर-मौजूदगी में टीम इंडिया की जीत का झंडा बुलंद किया था. सुंदर और चहल दोनों ने ट्राएंगुलर T20 सीरीज के 5 मैचों में 8-8 विकेट चटकाए थे. इस टूर्नामेंट में सुंदर का इकॉनोमी रेट 5.7 के साथ सबसे बेहतर रहा था जबकि 6.45 की इकॉनोमी रेट के साथ चहल दूसरे नंबर पर रहे थे. कमाल की बात ये है कि टूर्नामेंट में लिए 8 विकेट में से सुंदर ने 6 विकेट पावर प्ले में लिए थे. वहीं वो 20 साल की उम्र से पहले एक ही सीरीज में सबसे ज्यादा 8 विकेट लेने वाले गेंदबाज भी बने. इस सॉलिड परफॉर्मेन्स के लिए वाशिंगटन सुंदर को मैन ऑफ द मैच मिला. इंटरनेशनल T20 में 20 साल की उम्र से पहले मैन ऑफ द सीरीज जीतने वाले सुंदर दुनिया के तीसरे गेंदबाज हैं . उधर, चहल को निदाहस ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन का ईनाम ये मिला कि वो ICC T20 रैंकिंग में नंबर दो गेंदबाज बन गए.

 

Y̶o̶u̶ ̶s̶e̶e̶ ̶ Yuzi, we have a top bowling line up. #PlayBold

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‘डेडली कॉम्बो’ हैं हम- सुंदर

वाशिंगटन सुंदर कहते हैं, ” हम दोनों का एक साथ होना टीम के लिए बड़ी बात है. मैं एक ऑफ स्पिनर हूं जबकि चहल लेग स्पिनर और ये किसी भी साइड के लिए एक बेहतरीन कॉम्बिनेशन है. मुझे उम्मीद है हम दोनों ने साथ मिलकर जो टीम इंडिया के लिए किया वो अब IPL में RCB के लिए करेंगे. ”

क्यों खतरनाक है ये जोड़ी ?

कलाई के जादूगर चहल की खासियत ये है कि वो दिलेर गेंदबाज हैं, जो विकेट के लिए रन देने से हिचकते नहीं . दूसरी ओर वाशिंगटन सुंदर की काबिलियत उनके वैरिएशन में है. इसके अलावा दोनों पिच के मिजाज का पूरा फायदा उठाने में भी माहिर है. चहल ने आईपीएल के 56 मैचों में 7.9 की इकॉनोमी से अब तक 70 विकेट चटकाए हैं. वहीं सुंदर ने 11 मैचों 6.16 की इकॉनोमी से 8 विकेट लिए हैं.

‘पावरप्ले में जमेगा रंग’

चहल ने कहा, ” पहले पावरप्ले में मुझे गेंदबाजी करनी पड़ती थी. लेकिन अब हमारे पास सुंदर के तौर पर एक और बेहतर विकल्प है. सुंदर ने निदाहस ट्रॉफी में पावरप्ले में शानदार गेंदबाजी की थी. उम्मीद है अब वो RCB के लिए पावर प्ले में गेंदबाजी करेंगे. ”

चहल और सुंदर कद-काठी से उतने मजबूत बेशक ना दिखते हों लेकिन इनकी गेंदबाजी में बड़ा दम है. और, अपने इसी दम के बूते ये दोनों अब आईपीएल के ग्यारहवें सीजन में विराट के सबसे बड़े हथियार साबित होंगे.