पूर्व भारतीय सलमी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग (Virender Sehwag) ने आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल (WTC Final) के दूसरे दिन विराट कोहली (Virat Kohli) के खिलाफ की गई कैच अपील को न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों के रीव्यू की मांग किए बिना तीसरे अंपायर के पास भेजने के फील्ड अंपायर के फैसले की आलोचना की।Also Read - Highlights India vs England 1st Test, Day-1 Stump : इंग्लैंड के 183 ऑलआउट के जवाब में भारत ने पहले दिन बनाए 21/0

सहवाग ने अंपायर रिचर्ड इलिंगवर्थ (Richard Illingworth) और माइकल गफ (Michael Gough) के फैसले को मजेदार अंपयारिंग करार दिया। सहवाग ने ट्वीट किया, “विराट के साथ वहां मजेदार अंपायरिंग हुई। अंपायर ने कोई फैसला नहीं दिया गया और ये अपने आप ही रीव्यू में तब्दील हो गया।” Also Read - Bangladesh vs Australia, 2nd T20I: बांग्लादेश की टी20 क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया पर दूसरी जीत, इतिहास रचने से एक कदम दूर

क्या है पूरा मामला?

ये घटना भारतीय पारी के 41वें ओवर की है जब ट्रेंट बोल्ट ने लेग साइड से विराट कोहली के कैच की अपील की। न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन ने तय समय के अंदर रीव्यू नहीं लिया क्योंकि बॉलिंग एंड पर खड़े अंपायर रिचर्ड इलिंगवर्थ का मानना ​​था कि कोहली ने बल्ला लगाया था। इलिंगवर्थ ने स्क्वायर लेग पर खड़े अपने साथी अंपायर माइकल गफ के साथ बातचीत की और आखिरी फैसले के लिए तीसरे अंपायर के पास गए। Also Read - England vs India, 1st Test: Rishabh Pant ने दिलाया भारत को 'विकेट', खुद Virat Kohli भी रह गए दंग

क्यों हुआ इतना विवाद?

मामले को लेकर बवाल इसलिए हुआ क्योंकि कैमरों ने इलिंगवर्थ की ओर से कोई सॉफ्ट सिग्नल नहीं दिखाया। बाद में पता चला कि फील्ड अंपायर ने आउट का सॉफ्ट सिग्नल दिया था।

उसके ऊपर, जब प्रसारण नियंत्रण तीसरे अंपायर रिचर्ड केटलबोरो को स्थानांतरित कर दिया गया था, तो उन्होंने अल्ट्रा-एज प्रोटोकॉल के माध्यम से फैसला किया कि कोई किनारा नहीं लगा है और कोहली को नॉट आउट करार दिए गए।

कोहली ने इस तरहा के इशारे कर रहे थे कि तीसरे अंपायर केवल बीजे वॉटलिंग का कैच साफ है या नहीं इसकी जांच कर रहे हैं ना कि बल्ले के किनारे की। विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल के लिए बनाए गए नियमों के अनुसार, अंपायर कैच की समीक्षा तभी कर सकता है जब उसकी निष्पक्षता पर संदेह हो।