भारतीय क्रिकेट की इतिहास में पहले भी ऐसे कई खिलाड़ी हुए हैं जिन्होंने जीवन के संघर्ष के रूप में बद से बद्द्तर हालत देखी है. गांव-देहात से तो अक्सर कई लड़कें-लड़कियां टीम इंडिया का जर्सी पहनने का ख्वाब अपनी आंखों में पालते है मगर उनमें से कुछ ही होते हैं जिनका हौसला उनके इस ख्वाब को जिंदा रखता है. ऐसे ही एक कहानी है यूपी के भदोही जिले के एक गांव के लड़के की जिसने अपने सपने के लिए हर मुश्किलों को आसान कर दिया. हम बात कर रहे हैं भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे यशस्वी जयसवाल (Yashasvi Jaiswal) की.

20 साल तक वनडे क्रिकेट खेलने वाली पहली महिला क्रिकेटर बनी मिताली राज

यशस्वी जयसवाल-फोटो:ट्विटर

चल रहे विजय हजारे ट्रॉफी (Vijay Hazare Trophy) में यशस्वी ने अपनी शतकीय पारी से मुंबई की टीम को गोवा के खिलाफ जीत दिला दी. ये शतक किसी ‘लक फैक्टर’ से नहीं निकला है. इसके पीछे है इस युवा खिलाड़ी की बरसों की तपन. यशस्वी ने बहुत कम उम्र में ही मुंबई का रुख कर लिया था. घर की आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं थी कि वो इस मायानगरी में अपने रहने के लिए एक कमरा ले सकें. उन्होंने मुंबई के मुस्लिम यूनाइटेड क्लब के गार्ड के साथ तीन साल तक टेंट में अपनी जिंदगी गुजार दी. शुरू शुरू में इस खिलाड़ी ने डेयरी में काम किया लेकिन कुछ ही दिनों में उसे वहाँ से निकाल दिया गया.

यशस्वी जयसवाल-फोटो:ट्विटर

कई रात भूखे सोने के बाद यशस्वी ने अपनी जीविका के खातिर कुछ महीनों तक मुंबई के आजाद मैदान के पास गोलगप्पे भी बेचें. ऐसा कहते है ना, “खुदा के घर देर है, अंधेर नहीं’. ठीक वैसा ही कुछ अब यहां होने वाला था. इसी दौरान यशस्वी की मुलाकात एक स्‍थानीय कोच ज्‍वाला सिंह से हुई और फिर धीरे धीरे अपने सपने के करीब पहुंचते यशस्वी ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा.

लंदन में सर्जरी के बाद फिटनेस की राह पर लौटे हार्दिक पांड्या

17 साल की उम्र में यशस्वी ने भारत की अंडर 19 टीम का दरवाजा खटखटा दिया था. इससे पहले वो मुंबई के लिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अपना छाप छोड़ चुके थे. इस साल के 28 सितंबर को यशस्वी ने टीम इंडिया की लिस्ट ‘ए’ में भी अपना नाम दर्ज करवा लिया है. बीते दिनों विजय हजारे ट्रॉफी में गोवा के खिलाफ यशस्वी ने 113 रनों की शतकीय पारी खेलकर टीम को जीत की तरफ ले गए.

यशस्वी जयसवाल-फोटो:ट्विटर

अपने करियर के दूसरे लिस्ट ‘ए’ मैच में ही यशस्वी ने 123 गेंदों की पारी में छह चौके और पांच छक्के की मदद से शतक लगा कर अपनी कौशलता का प्रमाण दे दिया. भारतीय क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने भी टीम इंडिया के इस ‘फ्यूचर स्टार’ को अपना बल्ला तोहफे में दिया था.