पूर्व ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ग्रेग चैपल ने बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में मिली जीत के बाद भारतीय क्रिकेट टीम की जमकर तारीफ की। टीम इंडिया के पूर्व कोच के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया के युवा क्रिकेटर अपने भारतीय प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले में अभी ‘प्राइमरी क्लास’ में हैं।Also Read - Shaheen Afridi के लिए T20 WC में भारत के खिलाफ प्रदर्शन है सबसे यादगार, रोहित का विकेट सबसे अहम

चैपल का मानना है कि इस सीरीज में भारत को मिली सफलता के पीछे बीसीसीआई के मजबूत घरेलू ढांचे का हाथ हैं, जिसकी वजह से युवा गेंदबाज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन कर पाते हैं। Also Read - 'मुझे नहीं लगता निकट भविष्‍य में भुवनेश्‍वर कुमार को वनडे-टी20 में मौका मिलेगा'

चैपल ने सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड के अपने कॉलम में लिखा, “हमारे युवा क्रिकेटर उन भारतीय प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले कमजोर योद्धा हैं, जिन्हें अंडर-16 क्रिकेट से ही चुनौतीपूर्ण मैचों में खेलने का मौका मिलता है। Also Read - KL Rahul को नहीं नसीब हुई एक भी जीत, भारत का कप्‍तान बनने के सपने पर लगा बड़ा डेंट

उन्होंने लिखा, “जब तक एक भारतीय खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम में पहुंचता है, उसके पास इतनी क्षमता होती है जिससे की वो सफलता की संभावना के साथ भारतीय टीम में खेल सकता है। मुझे डर है कि उनकी तुलना में विल पुकोवस्की और कैमरून ग्रीन का अनुभव अभी प्राइमरी स्कूल स्तर का है।”

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चैपल ने आगे लिखा, “बीसीसीआई नए खिलाड़ियों पर करोड़ों रुपए खर्च कर रही है। उनके मुकाबले क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया शेफील्ड शील्ड पर 44 मिलियन डॉलर खर्च करती है। ये अंतर खाई नहीं बल्कि भारतीय महासागर जितना बड़ा है। अगर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया इस बात को नहीं समझती है कि टेस्ट क्रिकेट में प्रतिद्वंद्वी बनने के लिए क्या करना चाहिए और हमारा पूरा क्रिकेट प्रशासन प्रतिभा में निवेश को लेकर अपना पूरा रवैया नहीं बदलता, तो हम कुछ ही समय में पिछड़ जाएंगे।”