युवराज सिंह को 20 अगस्त से श्रीलंका के खिलाफ शुरू हो रही पांच वनडे और एकमात्र टी20 मैच के लिए भारतीय टीम में नहीं चुना गया है. पिछले 7 मैचों में एक हाफ सेंचुरी की मदद से सिर्फ 162 रन बनाने वाले युवराज को उनकी खराब फॉर्म का खामियाजा उठाना पड़ा है और चयनकर्ताओं ने इस अनुभवी बल्लेबाज को बाहर का रास्ता दिखा है. पिछले काफी समय से युवराज और धोनी की टीम इंडिया में जगह को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे. हालांकि चयनकर्ताओं ने तमाम आलोचनाओं को दरकिनार करते हुए धोनी को तो टीम में बरकरार रखा है लेकिन युवराज सिंह टीम में अपनी जगह बचा पाने में नाकाम रहे हैं.

इसके साथ ही 2007 के टी20 वर्ल्ड कप और 2011 के वर्ल्ड कप में टीम इंडिया को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले युवराज सिंह के करियर को लेकर भी सवाल उठने शुरू हो गए हैं. अब 35 वर्ष के हो चुके युवराज के लिए टीम में दोबारा वापसी की राह बहुत कठिन नजर आती है. ऐसे में उनका 2019 का वर्ल्ड कप का सपना भी टूटता नजर आ रहा है.

खुद बीसीसीआई की 2019 की टीम की योजनाओं में युवराज का नाम नजर नहीं आ रहा है. श्रीलंका के साथ वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम से युवराज को बाहर किए जाने के बाद बीसीसीआई के एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि युवराज 2019 के वर्ल्ड कप के लिए दावेदार नहीं हैं. युवराज की बैटिंग में अब पहले जैसा दम नहीं है, वह बमुश्किल गेंदबाजी करते हैं और उनकी फील्डिंग भी लचर हो गई है. अगर हमें 2019 के वर्ल्ड कप के लिए तैयार करनी है तो हमें अभी फैसला करना होगा. धोनी के मामले में हमारे पास अब भी कोई अच्छा विकल्प नहीं है लेकिन युवराज का स्थआन लेने के लिए कई दावेदार हैं.

इस साल जनवरी में लगभग दो साल बाद भारतीय टीम में वापसी के बाद से एक-दो अवसरों को छोड़कर युवराज सिंह कभी भी अपनी पुरानी लय में बैटिंग करते नजर नहीं आए. पिछले सात मैचों में उन्होंने सिर्फ चैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान के खिलाफ अर्धशतक जमाया है और महज 162 रन बना पाए हैं. राहुल द्रविड़ जैसे दिग्गज क्रिकेटर भी युवराज की टीम में जगह पर सवाल उठा चुके थे. अब आखिरकार चयनकर्ताओं ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखाकर साफ कर दिया है कि भविष्य की योजनाओं में उनका नाम नहीं है.

बाएं हाथ के आक्रामक बल्लेबाज युवराज सिंह ने 2000 में कीनिया के खिलाफ अपने वनडे करियर का आगाज किया था. उन्हें वनडे और टी20 में भारत के सबसे बेहतरीन क्रिकेटरों में से एक गिना जाता है. युवराज के नाम 2007 के टी20 वर्ल्ड कप में 6 गेंदों में 6 छक्के जड़ने, 12 गेंदों में सबसे तेज हाफ सेंचुरी बनाने और 2011 के वर्ल्ड कप में मैन ऑफ द टूर्नामेंट बनने जैसे कमाल दर्ज हैं. युवराज सिंह ने अब तक अपने 304 वनडे मैचों में 36.55 की औसत से 8701 रन बनाए हैं, जिनमें 14 शतक और 52 अर्धशतक शामिल हैं. उनका उच्चतम स्कोर 150 रन रहा है. वहीं 58 टी20 मैचों में युवराज ने 28.02 की औसत से अब तक 1177 रन बनाए हैं, जिनमें 8 अर्धशतक शामिल हैं. साथ ही उन्होंने अपने 40 टेस्ट मैचों में 33.92 की औसत से 1900 रन बनाए हैं जिनमें 3 शतक और 11 अर्धशतक शामिल हैं.

हालांकि अभी ये कह पाना मुश्किल है कि क्या युवराज सिंह का करियर खत्म हो गया है? या वह फिर से टीम इंडिया में वापसी करने में कामयाब रहेंगे, लेकिन इतना तो तय है कि उनके लिए अब वापसी आसान कतई नहीं रहेगी!

(अभिषेक पाण्डेय द्वारा लिखित)