पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह (Yuvraj Singh) का कहना है कि कई युवा खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट नहीं खेलना चाहते थे जो कि उनके हिसाब से क्रिकेट का सबसे शानदार फॉर्मेट है। Also Read - विदेश में सर्वाधिक सेंचुरी जड़ने के मामले में भारतीय क्रिकेटर्स टॉप पर, सचिन नंबर वन तो कोहली नंबर टू

इंस्टाग्राम लाइव सेशन के दौरान युवा खिलाड़ियों की मानसिकता के बारे में चर्चा करते हुए यूवी ने ये बात कही। उन्होंने कहा, “सचिन पाजी ने मुझसे एक बार कहा था कि ‘अगर आप मैदान पर प्रदर्शन करते हैं तो बाकी सब आ ही जाएगा’। जब मैं एनसीए में था और वहां मौजूदा युवा खिलाड़ी से मिला तो मुझे लगा कि उनमें से ज्यादातर टेस्ट क्रिकेट नहीं खेलना चाहते हैं। वो वनडे खेलकर खुश हैं।” Also Read - कोहली-स्मिथ जैसा बल्लेबाज बनने के करीब हैं बाबर आजम : मिसबाह उल हक

भारत के पूर्व स्टार बल्लेबाज ने कहा, “मेरा मानना है कि जो लोग भारत के लिए खेल चुके हैं जब वो राष्ट्रीय टीम के साथ ना हों तो उन्हें भी घरेलू क्रिकेट खेलना चाहिए। इससे उन्हें देश की अलग अलग पिचों पर खेलने का अनुभव मिलेगा।” Also Read - विराट कोहली ने महान हॉकी खिलाड़ी बलबीर सिंह सीनियर के निधन पर जताया दुख, भज्जी ने कुछ इस तरह से किया याद

युवा भारतीय खिलाड़ियों के बारे में ये भी कहा कि अब वो सीनियर्स का सम्मान नहीं करते हैं। युवराज ने केएल राहुल (KL Rahul) और हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya) से जुड़े टीवी शो विवाद पर कहा कि ऐसी घटना उनके समय में नहीं होती। युवराज ने कहा, “वो घटना हमारे समय में बिल्कुल नहीं होती।”

लाइव सेशन के दौरान युवराज के साथ मौजूद भारतीय उपकप्तान रोहित शर्मा (Rohit Sharma) ने कहा कि फिलहाल भारतीय टीम का माहौल हल्का है। उन्होंने कहा, “जब मैं टीम से आया था, तो टीम में काफी सीनियर्स थे। मुझे याद है कि मैं, पीयुष चावला और सुरेश रैना ही युवा खिलाड़ी थी। टीम का माहौल अब हल्का है। मैं लगातार युवा खिलाड़ियों से बात करता हूं, जो कि अब 5-6 हैं।”

रोहित ने आगे कहा, “मैं रिषभ (Rishabh Pant) से काफी बात करता हूं। उसे लेकर काफी बातचीत होती है. जिससे वो परेशान हो जाता है। मीडिया को भी उसके बारे में लिखने से पहले सोचना चाहिए। लेकिन जब आप भारतीय टीम के लिए खेलेंगे तो ये सब तो होगा ही।”