नई दिल्ली : युवराज सिंह ने सोमवार को इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की. उन्होंने मुंबई में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह खुलासा किया. इस दौरान युवी ने बताया कि उनके करियर का सबसे कठिन समय कौनसा था. युवी ने कैंसर पर विजय पाकर भारती टीम में वापसी की और फिर 2014 टी-20 विश्व कप में खेले. युवराज ने विश्व कप फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ 21 गेंदों पर 11 रन बनाए और इसके बाद उनका करियर अवसान पर चला गया.

उस पल को याद करते हुए युवराज ने कहा, “वह मेरे करियर का सम्भवत: सबसे कठिन समय था. 2014 विश्व कप के फाइनल में मैंने 21 गेंदों पर 11 रन बनाने के लिए काफी मेहनत की थी. मेरे लिए वह काफी खराब समय था. मैंने मान लिया था कि यह मेरे करियर का अंतिम समय है. सबने मेरे बारे में यही लिखा लेकिन मैंने अपने ऊपर यकीन करना नहीं छोड़ा.”

युवराज ने अपना अंतिम टेस्ट साल 2012 में खेला था. सीमित ओवरों के क्रिकेट में वह अंतिम बार 2017 में दिखे थे. युवराज ने साल 2000 में पहला वनडे, 2003 में पहला टेस्ट और 2007 में पहला टी-20 मैच खेला था.

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चंडीगढ़ में साल 1981 में जन्में युवराज ने भारत के लिए 40 टेस्ट, 304 वनडे और 58 टी-20 मैच खेले. टेस्ट में युवराज ने तीन शतकों और 11 अर्धशतकों की मदद से कुल 1900 रन बनाए जबकि वनडे में उन्होंने 14 शतकों और 52 अर्धशतकों की मदद से 8701 रन जुटाए.

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इसी तरह टी-20 मैचों में युवराज ने कुल 1177 रन बनाए. इसमें आठ अर्धशतक शामिल हैं. युवराज ने टेस्ट मैचों में 9, वनडे में 111 और टी-20 मैचो में 28 विकेट भी लिए हैं. युवराज ने 2008 के बाद कुल 231 टी-20 मैच खेले हैं और 4857 रन बनाए हैं. उन्होंने टी-20 मैचों में 80 विकेट भी लिए हैं.