नई दिल्ली : सीमित ओवरों के भारत के सबसे सफल क्रिकेटरों में से एक युवराज सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं और आईसीसी से स्वीकृत विदेशी टी20 लीग में फ्रीलांस क्रिकेटर के तौर पर खेल सकते हैं. पंजाब का बायें हाथ का यह बल्लेबाज बीसीसीआई से स्वीकृति मिलने के बाद ही अंतिम फैसला करेगा. माना जा रहा है कि युवराज ने स्वीकार कर लिया है कि अब उसके भारत की ओर से खेलने की संभावना नहीं है. Also Read - India vs Australia: पहले वनडे से पहले Virat Kohli ने दिखाया दम, खूब उड़ा रहे चौके-छक्के, देखें VIDEO

इस मामले की जानकारी रखने वाले बीसीसीआई के सूत्र ने रविवार को पीटीआई को बताया, ‘‘युवराज सिंह इंटरनेशनल और फर्स्ट क्लास क्रिकेट से संन्यास के बारे में सोच रहा है. उसके बीसीसीआई से बात करने और जीटी-20 (कनाडा), आयरलैंड में यूरो टी-20 स्लैम और हॉलैंड में खेलने पर अधिक स्पष्टता मांगने की उम्मीद है क्योंकि उसके पास पेशकश हैं.’’ Also Read - India vs Australia: भारत-ऑस्ट्रेलिया वनडे मैचों में कौन है किसपर भारी, जानिए आंकड़ों की जुबानी

इरफान पठान ने हाल में कैरेबियाई प्रीमियर लीग के ड्राफ्ट में अपना नाम दिया था लेकिन वह अब भी सक्रिय प्रथम श्रेणी खिलाड़ी हैं और उन्होंने बीसीसीआई से स्वीकृति नहीं ली. बीसीसीआई के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया, ‘‘इरफान को ड्राफ्ट से नाम वापस लेने को कहा गया. जहां तक युवराज का सवाल है तो हमें नियम देखने होंगे. अगर वह फर्स्ट क्लास क्रिकेट से संन्यास ले भी लेता है तो भी बीसीसीआई के अंतर्गत पंजीकृत सक्रिय टी20 खिलाड़ी हो सकता है.’’ Also Read - विराट कोहली ने मोहम्मद सिराज को किया प्रेरित, बोले- ये हालात तुम्हें मजबूत बनाएंगे

विश्व कप के लिए ऑस्ट्रेलिया तैयार, देखें किस क्षेत्र में मजबूत हैं टीम

युवराज इस साल आईपीएल में मुंबई इंडियन्स की ओर से खेले लेकिन उन्हें अधिक मौके नहीं मिले और संभवत: यही कारण है कि वह अपनी भविष्य की योजनाओं पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं. इस बीच कुछ लोगों का मानना है कि अगर जहीर खान और वीरेंद्र सहवाग दुबई में टी10 लीग का हिस्सा हो सकते हैं तो फिर युवराज को स्वीकृति क्यों नहीं मिल सकती.

World Cup में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड सचिन के नाम, रोहित-कोहली के सामने चुनौती

बीसीसीआई अधिकारी ने कहा, ‘‘टी-10 को भले ही आईसीसी से स्वीकृति मिली हो लेकिन अब भी यह स्वीकार्य प्रारूप नहीं है. लेकिन आगे बढ़ते हुए जब भी खिलाड़ियों का संघ आकार लेगा तब संन्यास ले चुके खिलाड़ियों का मामला विचार के लिए आ सकता है.’’ वह हालांकि सैद्धांतिक रूप से सहमत हैं कि संन्यास ले चुके खिलाड़ियों को पेशकश मिलने पर बिग बैश, सीपीएल या बीपीएल में खेलने की स्वीकृति मिलनी चाहिए.