नई दिल्ली : सीमित ओवरों के भारत के सबसे सफल क्रिकेटरों में से एक युवराज सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं और आईसीसी से स्वीकृत विदेशी टी20 लीग में फ्रीलांस क्रिकेटर के तौर पर खेल सकते हैं. पंजाब का बायें हाथ का यह बल्लेबाज बीसीसीआई से स्वीकृति मिलने के बाद ही अंतिम फैसला करेगा. माना जा रहा है कि युवराज ने स्वीकार कर लिया है कि अब उसके भारत की ओर से खेलने की संभावना नहीं है. Also Read - US President Joe Biden भारत के विनय रेड्डी का लिखा भाषण पढ़ेंगे, ऐसी है बाइडेन की Team India

इस मामले की जानकारी रखने वाले बीसीसीआई के सूत्र ने रविवार को पीटीआई को बताया, ‘‘युवराज सिंह इंटरनेशनल और फर्स्ट क्लास क्रिकेट से संन्यास के बारे में सोच रहा है. उसके बीसीसीआई से बात करने और जीटी-20 (कनाडा), आयरलैंड में यूरो टी-20 स्लैम और हॉलैंड में खेलने पर अधिक स्पष्टता मांगने की उम्मीद है क्योंकि उसके पास पेशकश हैं.’’ Also Read - Team India की ऐतिहासिक जीत के बाद Virendra Sehwag का Tweet हुआ वायरल, जानें किस अंदाज में दी थी बधाई...

इरफान पठान ने हाल में कैरेबियाई प्रीमियर लीग के ड्राफ्ट में अपना नाम दिया था लेकिन वह अब भी सक्रिय प्रथम श्रेणी खिलाड़ी हैं और उन्होंने बीसीसीआई से स्वीकृति नहीं ली. बीसीसीआई के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया, ‘‘इरफान को ड्राफ्ट से नाम वापस लेने को कहा गया. जहां तक युवराज का सवाल है तो हमें नियम देखने होंगे. अगर वह फर्स्ट क्लास क्रिकेट से संन्यास ले भी लेता है तो भी बीसीसीआई के अंतर्गत पंजीकृत सक्रिय टी20 खिलाड़ी हो सकता है.’’ Also Read - LIVE CRICKET SCORE, INDIA vs AUSTRALIA, DAY-5: भारत ने गाबा में दर्ज की जीत, 2-1 से नाम की सीरीज

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युवराज इस साल आईपीएल में मुंबई इंडियन्स की ओर से खेले लेकिन उन्हें अधिक मौके नहीं मिले और संभवत: यही कारण है कि वह अपनी भविष्य की योजनाओं पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं. इस बीच कुछ लोगों का मानना है कि अगर जहीर खान और वीरेंद्र सहवाग दुबई में टी10 लीग का हिस्सा हो सकते हैं तो फिर युवराज को स्वीकृति क्यों नहीं मिल सकती.

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बीसीसीआई अधिकारी ने कहा, ‘‘टी-10 को भले ही आईसीसी से स्वीकृति मिली हो लेकिन अब भी यह स्वीकार्य प्रारूप नहीं है. लेकिन आगे बढ़ते हुए जब भी खिलाड़ियों का संघ आकार लेगा तब संन्यास ले चुके खिलाड़ियों का मामला विचार के लिए आ सकता है.’’ वह हालांकि सैद्धांतिक रूप से सहमत हैं कि संन्यास ले चुके खिलाड़ियों को पेशकश मिलने पर बिग बैश, सीपीएल या बीपीएल में खेलने की स्वीकृति मिलनी चाहिए.