नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल का कहना है कि स्पिन जोड़ी रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा से उनकी तुलना करना उचित नहीं है. युवा कुलदीप यादव के बारे में भी उनका मानना है कि अश्विन या जडेजा से तुलना करना निरर्थक है. चहल ने एक इंटरव्‍यू में कहा कि अश्विन और जडेजा अनुभवी खिलाड़ी हैं और वह अब भी उनसे सीख रहे हैं. साल 2016 में चहल ने वनडे और टी-20 प्रारूप में पदार्पण किया और अपनी शानदार गेंदबाजी के दम पर जल्द ही लोकप्रियता हासिल कर ली.

हाल ही में एक साक्षात्कार में पूर्व गेंदबाज अतुल वासन ने कहा था कि भविष्य में चहल और कुलदीप यादव स्पिन गेंदबाजी में रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा की जगह ले सकते हैं, इस बारे में पूछे जाने पर चहल ने कहा, “मैंने और कुलदीप ने अभी तो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेट खेलना शुरू किया है. ऐसे में अभी से अश्विन और जडेजा से हमारी तुलना करना सही नहीं होगा.” चहल ने कहा, “अश्विन और जडेजा पिछले 10 से 12 वर्षों से भारतीय क्रिकेट टीम के लिए खेलते आ रहे हैं. उन्होंने अपनी क्षमता और प्रतिभा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साबित किया है. टेस्ट मैचों में वह शीर्ष-10 गेंदबाजों में शुमार रहे हैं. हमें अब भी उनसे बहुत कुछ सीखने को मिलता है. ऐसे में उनसे तुलना का कोई मतलब नहीं बनता.”

आईपीएल: आरसीबी को डेथ ओवर्स में बेहतर बॉलिंग की जरूरत
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 11वें संस्करण में चहल रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर की ओर से खेल रहे हैं. बेंगलोर ने अब तक पांच मैच खेले हैं और उसमें से तीन में उसे हार का सामना करना पड़ा है. ऐसे में टीम के प्रदर्शन के बारे में चहल ने कहा, “हमें अपनी गेंदबाजी में सुधार करने की जरूरत है. खासकर टीम के डेथ ओवरों में बेहतर प्रदर्शन की जरूरत है. हमारी गेंदबाजी पावरप्ले में अच्छी रही है. हमें डेथ ओवर में अपनी गेंदबाजी को सुधारना होगा.”

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इस बार चैंपियन बनने की उम्‍मीद
टी-20 क्रिकेट में चहल ने 18 जून, 2016 को जिम्बाब्वे के खिलाफ पदार्पण किया था. फरवरी, 2017 में वह टी-20 क्रिकेट में पांच विकेट लेने वाले भारत के पहले गेंदबाज बन गए थे. ऐसे में बेंगलोर टीम को उनसे काफी आशाएं हैं. बेंगलोर के हाथ अभी तक खिताबी जीत नहीं लगी है. ऐसे में क्या वह इस बार अपना पहला आईपीएल खिताब जीतने में सक्षम हो पाएगी, इस पर चहल ने कहा, “हम भले ही खिताब नहीं जीत पाए हों, लेकिन हम तीन बार फाइनल में पहुंचे हैं. हमारे ऊपर बड़े टूर्नामेंटों में खेलने का दबाव नहीं होता. टीम में अच्छे खिलाड़ी हैं, रणनीति है. इस बार भी हम 27 मई को होने वाले फाइनल मैच के बारे में ही सोच रहे हैं.”

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डिविलियर्स हैं महत्‍वपूर्ण
अब्राहम डिविलियर्स ने इस साल शानदार तरीके से टीम में वापसी की है. टीम में उनकी महत्ता के बारे में चहल ने कहा, “मुझे लगता है कि जिस प्रकार उन्होंने पिछला मैच खेला, वह शानदार था. विराट कोहली के आउट होने के बाद उन्होंने टीम की पारी को संभाला था.” चहल ने कहा, “वह पारी बना रहे हैं. शुरुआत से ही वह गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी करते हैं. टीम की बल्लेबाजी में उनकी भागीदारी बहुत महत्व रखती है. वह टीम के अहम खिलाड़ियों में से एक हैं.”

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शतरंज की यादें, अब भी खेलते हैं ऑनलाइन
चहल को क्रिकेट के अलावा शतरंज के खेल में भी महारत हासिल है. उन्होंने यूथ चैम्पियनशिप में शतरंज के खेल में भारत का प्रतिनिधित्व किया है. हालांकि, उन्हें समय पर प्रायोजक नहीं मिले और इस कारण उन्हें शतरंज का खेल छोड़ना पड़ा. वर्तमान में वह एक सफल गेंदबाज हैं लेकिन फिर भी शतरंज छोड़ने का मलाल क्या होता है, इस पर उन्होंने कहा, “जब मैं शतरंज खेलता था, तो उस समय मुझे प्रायोजक नहीं मिले. अब मुझे उसका कोई मलाल नहीं है. मुझे निश्चित तौर पर शतरंज से अधिक क्रिकेट खेलना अच्छा लगता है. लेकिन, जब भी मुझे शतरंज खेलने की चाह होती है, तो मैं ऑनलाइन खेल लेता हूं.” चहल का मानना है कि शतरंज और क्रिकेट दोनों खेलों की तुलना करना सही नहीं है. उन्होंने कहा, “आप दोनों खेलों की तुलना नहीं कर सकते. शतरंज दिमाग का खेल है, जो 15 से 16 घंटे तक भी चलता है. क्रिकेट के खेल में शारीरिक रूप से अधिक मेहनत लगती है.”