भारतीय क्रिकेट टीम को कोचिंग स्टाफ को लेकर उठापटक जारी है. नव नियुक्त बॉलिंग कोच जहीर खान के बारे में सौरव गांगुली ने कहा है कि उनके साथ 150 दिनों के लिए करार किया गया है. इससे पहले बीसीसीआई ने कहा था कि जहीर विदेश दौरों पर बॉलिंग कोच होंगे. Also Read - India vs England: ऋषभ पंत की बल्लेबाजी के मुरीद हुए सौरव गांगुली, बोले- सभी फॉर्मट में GOAT बनेगा ये खिलाड़ी

क्रिकेट अडवायजरी कमिटी (सीएसी) के सदस्य सौरव गांगुली ने शुक्रवार को कोलकाता में कहा, ‘जहीर के साथ साल में 150 दिन के लिए करार किया गया है.’ यानी कि जहीर खान टीम इंडिया के साथ पांच महीने बिताएंगे. Also Read - WB Assembly Elections 2021: दिलीप घोष ने किया कंफर्म, सौरव गांगुली भाजपा में नहीं हो रहे शामिल

इससे पहले खबर थी कि जहीर 100 दिन से ज्यादा के लिए उपलब्ध होने के लिए इच्छुक नहीं थे. लेकिन सीएसी ने कहा है कि वह उन्होंने इस पूर्व तेज गेंदबाज के साथ 150 दिन का करार किया है. Also Read - भारत के लिए सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय विकेट लेने वाले चौथे गेंदबाज बने रविचंद्रन अश्विन; जहीर खान को पीछे छोड़ा

सीएसी द्वारा 11 जुलाई को रवि शास्त्री को टीम इंडिया का नया कोच नियुक्त किए जाने के बाद भी टीम के सपोर्ट स्टाफ तो लेकर विवाद जारी है. माना जा रहा है कि सीएसी द्वारा जहीर को बॉलिंग कोच बनाए जाने से रवि शास्त्री नाखुश हैं और वह अपने भरोसेमंद भारत अरुण को बॉलिंग कोच बनाना चाहते हैं.

कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रशासकों की समिति (सीओए) ने कहा है कि सचिन, सौरव और लक्ष्मण की सीएसी ने सपोर्ट स्टाफ चुनने के लिए अपनी सीमा से परे जाकर काम किया है.

इन आलोचाओं से आहत सीएसी ने सीओए प्रमुख विनोद राय को पत्र लिखकर अपना दुख व्यक्त किया और कहा कि उन्होंने जहीर को बॉलिंग कोच और द्रविड़ को विदेशी दौरों के लिए बैटिंग कोच बनाए जाने का फैसला रवि शास्त्री और कप्तान विराट कोहली के साथ और उनकी सहमति के बाद ही लिया था.

इसके बाद बीसीसीआई ने मीडिया में जारी अपने बयान में स्पष्ट किया कि जहीर और द्रविड़ की नियुक्ति विशेष विदेशी दौरों के लिए की गई है.