सौरव गांगुली, सचिन तेंदुलकर और वीवीएस लक्ष्मण की क्रिकेट अडवायजरी कमिटी (सीएसी) ने गुरुवार को सीओए प्रमुख विनोद राय को पत्र लिखकर इस बात पर अपना ‘दर्द’ व्यक्त किया कि ऐसा राय बनी है कि राहुल द्रविड़ और जहीर खान की नियुक्तियों को उन्होंने कोच रवि शास्त्री पर थोपी है.

ऐसी खबरे थीं कि प्रशासकों की समिति (सीओए) ने कहा था सीएसी ने जहीर और द्रविड़ की नियुक्ति के लिए अपनी सीमा के परे जाकर काम किया जबकि उनका काम सिर्फ कोच नियुक्त करना था.

सीएसी ने सीओए प्रमुख विनोद राय को लिखे पत्र में लिखा है, ‘हमने जहीर और द्रविड़ को रखने के बारे में शास्त्री से बात की थी और उन्होंने इन दोनों को रखने के विचार पर स्वीकृति दी थी कि इससे आने वाले दिनों में टीम और भारतीय क्रिकेट को फायदा होगा. शास्त्री की स्वीकृति मिलने के बाद ही हमने जहीर और द्रविड़ के नाम की सिफारिश की.’ (सौरव,सचिन, लक्ष्मण को झटका, रवि शास्त्री को मिलेगा सपोर्ट स्टाफ चुनने का अधिकार!)

सीएसी में शामिल इन तीनों लेजेंडरी क्रिकेटरों सौरव, सचिन और लक्ष्मण ने राय को उस मेल की भी याद दिलाई जिसमें उन्होंने कहा था कि टीम इंडिया का कोच चुनने के लिए उन्हें पूरे अधिकार दिए गए हैं.

पत्र के शुरू में सीएसी ने अपनी नाराजगी व्यक्त की है और लिखा है, ‘आपको पता ही है कि हमने इस प्रक्रिया में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयत्न किया ताकि भारतीय टीम को सर्वश्रेष्ठ कोच मुहैया कराये जा सकें.’ लेकिन मीडिया के विभिन्न वर्गों में सीएसी को जिस तरह पेश किया जा रहा है इससे हम दुखी और निराशा हैं.’

सीएसी ने लिखा है, हमने बैठक खत्म होने के तुरंत बाद आपको तथा राहुल जौहरी और अमिताभ चौधरी को फोन पर बता दिया था कि बैठक में क्या हुआ था.’ साथ ही इस पत्र में अपील की गई है, ‘हमारी इच्छा है कि आप मुख्य कोच के चयन की प्रक्रिया की पारदर्शिता को सार्वजनिक करे ताकि झूठी बातें खत्म हों.’