नई दिल्ली : आईपीएल 2019 में अंपायरिंग का स्तर लगातार चर्चा का विषय रहा है और मुंबई इंडियन्स के क्रिकेट संचालन निदेशक और पूर्व तेज गेंदबाज जहीर खान का मानना है कि अंपायरों पर जितना अधिक दबाव बनाया जाएगा, मुश्किलें उतनी अधिक बढ़ेंगी. चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ आईपीएल मैच के दौरान अपने व्यवहार के विपरीत डगआउट से उठकर अंपायर उल्हास गंधे के फैसले को चुनौती देने के लिये मैदान पर जाना चर्चा का विषय बना हुआ है.

जहीर ने इस संदर्भ में कहा, ‘‘मेरा मानना है कि कई चीजों में सुधार हुआ है और सुधार के लिये हमेशा गुंजाइश रहती है. इसलिए अंपायरिंग के स्तर की बात करें तो यह आसान काम नहीं है और आप उन पर (अंपायरों) जितना अधिक दबाव बनाओगे, मुश्किलें उतनी अधिक बढ़ती जाएंगी.’’

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उन्होंने मुंबई इंडियन्स और राजस्थान रायल्स के बीच मैच की पूर्व संध्या पर कहा, ‘‘आप जानते हैं कि जब तक सही फैसला होगा तब तक चीजें सही रहेंगी. हां इस टूर्नामेंट में हमने देखा जबकि चीजें सीमा से थोड़ा बाहर चली गयी लेकिन अगर पूरे मैच के दौरान अंपायरिंग में निरंतरता हो तो फिर कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए.’’

बता दें कि राजस्थान और चेन्नई के बीच जयपुर में खेले गए मुकाबले में महेन्द्र सिंह धोनी ने अंपायर के फैसले पर आपत्ति जाहिर की थी. धोनी मैदान के बाहर थे, लेकिन वो अंपायर से बात करने  मैदान पर पहुंच गए. दरअसल ग्राउंड अंपायर ने आखिरी ओवर में एक नो बॉल को सही बॉल ठहरा दिया था. लिहाजा धोनी मैदान पर पहुंच गए. हालांकि मैच के बाद धोनी पर जुर्माना लगाया गया. उन्हें 50 प्रतिशत मैच फीस देनी पड़ी.