पंजाब विधानसभा में हुए मतदान का फैसला 11 मार्च को आएगा। पंजाब के चुनावी रण में 117 सीटों के लिये कुल 1,145 उम्मीदवार हैं। इन उम्मीदवारों में महज सात फीसदी ही महिलाए हैं। यानी कि भाग्य आजमाने उतरे 1,145 उम्मीदवारों में केवल 81 महिलाएं हैं जबकि एक ट्रांसजेंडर है। सबसे खास बात पंजाब के चुनावी दंगल में 304 निर्दलीय उम्मीदवारों के बीच 32 महिलाएं हैं। पंजाब के 1.98 करोड़ मतदाताओं में से 47 फीसदी महिलाएं हैं। यहां महिलाएं पुरुष-प्रधान समाज में अपने वर्चस्व की लड़ाई में काफी पीछे हैं।

पंजाब में इस साल पिछले विधानसभा चुनावों की तुलना में मतदान का प्रतिशत थोड़ा कम रहा। इस बार यहां 70 प्रतिशत मतदान रिकॉर्ड किया गया। जबकि साल 2012 के विधानसभा चुनावों में पंजाब में 78.6% मतदान दर्ज किया गया था और वहीं साल 2007 के चुनावों में यह प्रतिशत 75.5 था। यहां वोटिंग के दौरान करीब एक लाख सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए थे। पंजाब की 117 विधानसभा सीटों में से 34 विधानसभा सीट आरक्षित हैं जबकि 83 सामान्य श्रेणी की हैं। यहां एक ही चरण में मतदान पूरा हुआ है। यह भी पढ़ें : पंजाब- कांग्रेस जीत भी गई तो चुनौतियों का होगा अंबार, सिद्धू का होगा क्या?

पंजाब के चुनावी रण में कांग्रेस ने सभी 117 सीटों पर आम आदमी पार्टी ने 112 सीटों पर चुनाव और सत्ताधारी अकाली दल 94 और उसकी सहयोगी बीजेपी 23 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं इसके अलावा बीएसपी के 111 उम्मीदवार भी अपनी किस्मत आजमाने पंजाब के चुनावी दंगल में कूदे हैं।

कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में चुनाव लड़ कांग्रेस के लिये जीत की राह आसान नहीं होगी। हालांकि नवजोत सिंह सिद्धू के साथ कांग्रेस को संबल जरूर मिला है। सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ रही कांग्रेस को एग्जिट पोल में बहुमत मिलता दिखाई दे रहा है। यह भी पढ़ें: पंजाब चुनाव जीते तो ‘आप’ बनेगी बीजेपी की राह का रोड़ा

सत्ता पर काबिज बादल सरकार की कुर्सी जाती नजर आ रही है। बीजेपी ने 23 और अकाली दल ने 94 सीटों पर अपने धुरंधर उतारे हैं जिनमें केवर 7 महिलाए ही हैं। वहीं पंजाब में पहली बार चुनाव लड़ रही आम आदमी पार्टी ने 112 उम्मीदवारों के साथ अपनी दावदारी को हवा दी है। भाजपा-शिरोमणि अकाली दल गठबंधन पूरे दम-खम के साथ इस दंगल में तो कूदा था लेकिन हाल ही में आए एग्जिट पोल में उसे निराशा मिल रही है। यह भी पढ़ें: पंजाब चुनाव: अकाली-बीजेपी के रास्ते में कांटें ही कांटें

पंजाब में कम वोटर टर्नआउट AAP के लिए चिंता का सबब बन सकता है। कयास लगाए जा रहे है कि राज्य में सत्ताधारी बीजेपी-शिरोमणी अकाली दल गठबंधन का मुकाबला कांग्रेस से कहीं ज्यादा AAP से है। लोकसभा चुनावों में भी AAP का खाता केवल पंजाब से ही खुला था। यहां से उसके 4 उम्मीदवार जीतकर लोकसभा पहुंचे थे। विधानसभा चुनाव से पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पंजाब में भ्रष्टाचार और ड्रग्स का मुद्दा जोर-शोर से उठाया था। एग्जिट पोल नतीजे आप के लिये अच्छी खबर ला रहे हैं लेकिन अंतिम फैसला 11 मार्च को ही आएगा। यह भी पढ़ें: पंजाब में जीती ‘आप’ तो और मजबूत होंगे केजरीवाल, बदल जाएगी 2019 की तस्वीर

एग्जिट पोल

आजतक-एक्सिस एग्जिट पोल के अनुसार 62 से 71 सीटों के साथ कांग्रेस पंजाब में सरकार बना सकती है। जबकि 42 से 51 सीटें आप को मिलती दिखाई दे रही है। वहीं महज 4 से 7 सीटों पर भाजपा- अकाली दल गठबंधन सिमटता नजर आ रहा है। न्यूज 24/चाणक्य के एग्जिट पोल के अनुसार कांग्रेस और आप को 54 – 54 सीटें और भाजपा- अकाली दल गठबंधन को 9 सीटें मिलेंगी।

इंडिया टीवी-सी वोटर के मुताबिक 59-67 सीटों के साथ आम आदमी पार्टी पंजाब में सरकार बना सकती है। वहीं कांग्रेस को 41 से 49 और गठबंधन को 5 से 13 सीटें मिल सकती हैं। एबीपी न्यूज के एग्जिट पोल के अनुसार कांग्रेस को 46 से 56, आप को 36 से46, अकाली-बीजेपी गठबंधन को 19 से 27 और अन्य को 4 सीटें मिलने का दावा किया गया है। लेकिन अंतिम फैसला 11 मार्च को ही स्पष्ट होगा।