सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एंटीलिया बम कांड और कारोबारी मनसुख हिरन की हत्या के सिलसिले में गिरफ्तार पूर्व पुलिस अधिकारी प्रदीप शर्मा को अपनी बीमार पत्नी से मिलने के लिए तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत की मंजूरी दे दी है.
न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की अध्यक्षता वाली एक अवकाश पीठ ने इस मामले को इस साल 26 जून को सुनवाई के लिए पोस्ट किया और प्रदीप शर्मा को अपनी पत्नी के इलाज की स्थिति का संकेत देते हुए एक मेडिकल रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा.
बता दें, प्रदीप शर्मा को इस मामले में जून 2021 में गिरफ्तार किया गया था और न्यायिक हिरासत में मानवीय आधार पर अंतरिम जमानत मांगी गई थी. पूर्व पुलिस अधिकारी ने कहा कि सर्जरी के बाद उनकी पत्नी में गंभीर दिक्कतें पैदा हो गई हैं और हर बीतते दिन के साथ उनकी हालत बिगड़ती जा रही है.
प्रदीप शर्मा के वकील ने शीर्ष अदालत को बताया ने अपनी पत्नी की देखभाल के लिए अंतरिम जमानत मांगी थी. सुप्रीम कोर्ट ने बांबे हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने वाली शर्मा की याचिका पर 18 मई को नोटिस जारी किया था जिसमें उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया गया था.
प्रदीप शर्मा ने विशेष एनआईए अदालत के फरवरी 2022 के आदेश को चुनौती देते हुए पिछले साल हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिसने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी.
25 फरवरी, 2021 को दक्षिण मुंबई में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी के आवास ‘एंटीलिया’ के पास विस्फोटक से लदी एसयूवी मिली थी. कारोबारी मनसुख हिरेन, जिसके पास एसयूवी थी, पिछले साल 5 मार्च को पड़ोसी ठाणे में एक क्रीक में मृत पाया गया था.
गौरतलब है कि प्रदीप शर्मा, जो पुलिस अधिकारी दया नायक, विजय सालस्कर और रवींद्रनाथ आंग्रे के साथ मुंबई पुलिस के इनकाउंटर दस्ते के सदस्य थे, जिन्होंने कई मुठभेड़ों में 300 से अधिक अपराधियों का इनकाउंटर किया था. उन पर मनसुख हिरन को मारने में अपने पूर्व सहयोगी वाज़े की मदद करने का आरोप लगाया गया है.
(With ANI Inputs)
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