पटना: राष्‍ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के घटक दलों में सीट बंटवारे को लेकर चल रहे बैठकों के बीच राष्ट्रीय लोक समित पार्टी (रालोसपा) प्रमुख व केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने नया बम फोड़ा है. उनका कहना है कि नीतीश कुमार अब अगली बार बिहार के मुख्यमंत्री पद पर नहीं रहना चाहते हैं. उन्होंने खुद ही उनसे कहा था कि अब मुख्यमंत्री पद से मन भर चुका है. 2020 में कुर्सी खाली होने वाली है. 15 साल बहुत होता है. रालोसपा नेता ने कहा कि कोई संतृप्त व्यक्ति कितना काम करेगा आप खुद जान सकते हैं. Also Read - केंद्र के एग्रीकल्‍चर एक्‍ट को निष्‍प्रभावी करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने कृषि उपज मंडी संशोधन बिल 2020 पारित किया

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राष्ट्रीय लोक समित पार्टी के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाह बुधवार को राजधानी के रविंद्र भवन में रालोसपा के युवा संगठन युवा लोक समता द्वारा आयोजित देश के पहले गृहमंत्री सरदार बल्लभ भाई पटेल के जयंती समारोह का संबोधित कर रहे थे. उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जितना करीब से मैं जानता हूं उतना कोई और नहीं. हालांकि जब मुख्यमंत्री की कुर्सी की बात आती है तो लोग मेरे बयान का गलत मतलब निकालने लगते हैं. बिहार के लोग फैसला करेंगे कि मुख्यमंत्री कौन हो, न की राजनीतिक दल. Also Read - महबूबा मुफ्ती और फारूक अब्दुल्ला को भारत में रहने का अधिकार नहीं: केंद्रीय मंत्री

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जनता ने नीतीश कुमार को पांच साल के लिए चुना

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जनता ने नीतीश कुमार को पांच साल के लिए चुना है. कोई उन्हें सीएम पद से हटा नहीं सकता, लेकिन अगर वह नहीं चाहेंगे तो उन्हें कोई मुख्यमंत्री बनाये रख भी नहीं सकता. साथ ही कहा कि उनका मतलब यह नहीं है कि वह नीतीश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि कोई भी किसी को अपनी इच्छाओं से बाहर निकलने के लिए मजबूर नहीं कर सकता है.

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कुशवाह बोले- वे एनडीए का हिस्‍सा हैं और रहेंगे

कुशवाह ने यह भी स्‍पष्‍ट कर दिया कि अंतिम सीट साझा करने का मसौदा अभी तक नहीं मिला है. उन्होंने मीडिया को भी नसीहत देते हुए कहा कि उनकी बातों का कोई गलत अर्थ न लगाया जाए. वे एनडीए में हैं और आगे भी बने रहेंगे. बता दें कि 2014 लोकसभा चुनाव के दौरान बिहार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी), एलजेपी और आरएलएसपी ने 40 लोकसभा सीटों की 30, सात और तीन सीटों पर चुनाव लड़ा था और क्रमशः 22, छह और तीन जीते थे. बीजेपी प्रमुख अमित शाह ने पिछले हफ्ते घोषणा की थी कि बीजेपी और जेडी (यू) बिहार में समान संख्या में सीटों पर लड़ेंगे.