नई दिल्‍ली/ पटना: पड़ोसी देश नेपाल द्वारा लगाए गए अवरोधकों के कारण भारत-नेपाल सीमा पर तटबंधों के मरम्मत कार्य नहीं हो पा रहा है. यह बिहार में बाढ़ का खतरा बढ़ा सकता है. इसी मुद्दे को लेकर राज्‍य की सत्‍तारूढ़ नीतीश कुमार की सरकार और विपक्षी पार्टी आरजेडी के बीच सियासत तेज हो गई है. बता दें कि नेपाल गंडक नदी के बांध के बैराजों की मरम्‍म करने में बाधा पैदा कर रहा है. वहीं, बारिश होने से बिहार की नदियों में जलस्‍तर बढ़ने की खबरें भी हैं. Also Read - Coronavirus in Bihar Update: बिहार में मरीजों की संख्या पहुंची 12 हजार के पार, कुल 97 लोगों की मौत

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नेपाल के बिहार सरकार के बाढ़ रोकथाम से संबंधित काम को बाधित करने को लेकर राज्य जल संसाधन विभाग और अन्य अधिकारियों की आज एक उच्च-स्तरीय बैठक बुलाई है. Also Read - गुजरात में भारी बारिश; असम में बाढ़ की स्थिति में सुधार, कुछ ऐसा है बाकी जगहों का हाल

वहीं, आरजेडी नेता तेजस्‍वी यादव ने निशाना साधते हुए ट्वीट करते हुए कहा, मानसून के दस्तक से बिहार के कोसी और गंडक नदी के मैदानी इलाक़ों के लोग आशंकित हैं. जान-माल, मवेशी का नुक़सान हर साल होता आ रहा है, विस्थापन का सामना करते आ रहे हैं लेकिन इस निकम्मी सरकार ने 15 वर्षों में कोई ठोस कदम नहीं उठाया. भ्रष्टाचार का आलम ये है की यहां चूहे बांध खा जाते हैं. Also Read - कालापानी-लिपुलेख मुद्दा: नेपाल ने भारतीय सीमा पर खोलीं छह चौकियां, दो को किया बंद

यादव ने कहा, मुख्यमंत्री ने अभी तक बाढ़ के ख़तरों को लेकर ना कोई बैठक की और ना ही प्रभावित क्षेत्रों में जाकर तैयारी का जायज़ा लिया. खानापूर्ति के नाम पर आलीशान बंगले में बैठ बिना मीडिया से बात किए एक प्रेस नोट भेज देंगे. तटबंधो की मरम्मती या नए बराज़ को लेकर सरकार कभी गंभीर नहीं रही.

बिहार के जल संसाधन राज्‍य मंत्री संजय झा ने सोमवार को बताया वाल्मिकी नगर के गंडक बैराज के करीब 36 गेट हैं और 18 गेट नेपाल की तरफ हैं, वहां जो बाढ़ से निपटने का सामान है, उसमें उन्होंने बैरियर लगा रखे हैं, जो आजतक कभी नहीं हुआ. आगे बाढ़ का समय है उस तरफ बिहार सरकार ही जाकर बांध को ठीक करती है.

जल संसाधान राज्‍य मंत्री झा ने कहा, अगर हमारे इंजीनियरों के पास बाढ़ से निपटने वाली सामग्री तक पहुंच नहीं होगी, तो बांध की मरम्मत का काम प्रभावित होगा, अगर नेपाल में भारी वर्षा के कारण गंडक नदी का जल स्तर बढ़ता है तो यह एक गंभीर समस्या पैदा कर देगा. बिहार के मंत्री ने कहा, हमारे स्थानीय इंजीनियर और डीएम संबंधित अधिकारियों के साथ बातचीत कर रहे हैं और अब मैं मौजूदा स्थिति के बारे में विदेश मंत्रालय को पत्र लिखूंगा. यदि इस मुद्दे को समय पर हल नहीं किया जाता है, तो बिहार के बड़े हिस्से में बाढ़ आ जाएगी.