चंडीगढ़ शहर में 1 अप्रैल से शराब की बिक्री पर बैन लग सकता। ये सुप्रीम कोर्ट के दिसंबर में लिए गए उस फैसले के तहत हो सकता है जिसमें स्टेट हाइवे और नेशनल हाइवे पर पड़ने वाली सभी शराब की दुकानों को बंद किये जाने का आदेश दिया गया था। दरअसल, चंडीगढ़ में सभी बड़ी सड़कें स्टेट हाइवे के अंतर्गत आती हैं, जिस वजह से वहां की ज्यादातर शराब की दुकानों को कोर्ट के फैसले के तहत बंद करना पड़ सकता है।
क्या है सुप्रीम कोर्ट का फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल और स्टेट हाइवे के 500 मीटर के दायरे में शराब की दुकानों पर पाबंदी लगा दी है। यह फैसला सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद फिलहाल जिनके लाइसेंस हैं वो 31 मार्च तक दुकानें चला सकते हैं। इसके बाद 1 अप्रैल से हाईवे पर शराब की दुकान के लाइसेंस जारी नहीं किए जाएंगें। यानी अगले साल 1 अप्रैल से हाईवे और उसके 500 मीटर के दायरे में कोई शराब की दुकान नहीं होगी।
क्यों पड़ेगा चंडीगढ़ पर सबसे ज्यादा असर?
चंडीगढ़ में 20 साल पहले सड़कों का वर्गीकरण इस तरीके से किया गया था कि इनके रखरखाव का खर्च केंद्र-शासित प्रदेश प्रशासन उठाए क्योंकि उस वक्त नगर निगम के पास काफी कम धन था। आज शहर से जाने वाले एक नेशनल हाइवे के अलावा, यहां की सारी बड़ी सड़कें स्टेट हाइवे के अंतर्गत आती हैं। हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस स्थिति से निपटने के लिए प्रदेश प्रशासन ने एक चार सदस्यी कमेटी तैयार की है जिसे एक हफ्ते के अंदर निश्चित समाधान निकालना है।
रिपोर्ट के मुताबिक, गृह सचिव अनुराग अग्रवाल जो आबकारी एवं कराधान का चार्ज संभाल रहे हैं, का कहना है कि चंडीगढ़ में सेक्टर 1.2 किमी. और 0.8 किमी. लंबे हैं। शहर में फैली हुई सभी सड़कें स्टेट हाइवे के 500 मीटर के दायरे में आती हैं। उन्होंने कहा कि अगर इस समस्या का कोई हल नहीं निकल पाया तो पूरे शहर के किसी भी बार या होटल में शराब की बिक्री नहीं हो पाएगी। सभी दुकानों को बंद किया जाएगा।
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