नई दिल्ली: कांग्रेस ने मंगलवार को आर्थिक मंदी पर चर्चा नहीं करने संबंधी आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के एक बयान पर निशाना साधते हुए कहा कि आंख बंद कर लेने से समस्या का समाधान नहीं होगा. इससे बेहतर होता कि संघ प्रमुख सरकार से श्वेत पत्र लाने के लिए कहते.

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कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने कहा कि सरकार और आरएसएस प्रमुख भले ही आर्थिक मंदी की बात ना करें, लेकिन पूरा देश जानता है कि इस समय अर्थव्यवस्था की क्या स्थिति है. आर्थिक विकास दर गिरकर पांच फीसदी हो गई है. विनिर्माण विकास दर 0.6 फीसदी रह गई है. बेरोजगारी पिछले 45 वर्षों में सबसे अधिक है. वाहनों की बिक्री में 33 फीसदी की गिरावट आ गई. ऑटो क्षेत्र में 10 लाख लोगों की नौकरियां चली गई हैं, लेकिन इन सभी के बावजूद भी संघ प्रमुख कहते हैं कि मंदी पर बात नहीं करो.

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इसके अलावा वल्लभ ने यह भी कहा कि सरकार और संघ प्रमुख मंदी के मुद्दे पर भले ही बात नहीं करें, लेकिन देश जानता है कि अर्थव्यवस्था की क्या स्थिति है. इस मुद्दे पर भागवत जी को समझना चाहिए कि किसी समस्या पर आंख बंद कर लेने से उसका समाधान नहीं होता है, बल्कि पहले समस्या को स्वीकारना होता है और फिर उसका समाधान किया जाता है. उन्होंने कहा, ‘‘बेहतर होता कि अगर संघ प्रमुख इस सरकार से अर्थव्यवस्था की स्थिति पर श्वेतपत्र लाने के लिए कहते.’’

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वहीं संघ प्रमुख मोहन भागवत ने मंगलवार को कहा कि ‘‘तथाकथित” अर्थिक मंदी के बारे में ”बहुत अधिक चर्चा” करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि इससे कारोबारजगत तथा लोग चिंतित होते हैं और आर्थिक गतिविधियों में कमी आती है. आरएसएस प्रमुख ने कहा कि सरकार स्थितियों में सुधार लाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है और हमें विश्वास रखना चाहिए. वह विजयादशमी के अवसर पर नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की एक सभा को संबोधित कर रहे थे.

(इनपुट भाषा)