रायपुर: छत्तीसगढ़ में सत्ताधारी कांग्रेस ने राज्य के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा विधानसभा सीट में जीत हासिल करके विधानसभा चुनावों में जीत के सिलसिले को बरकरार रखा है. यह सीट भारतीय जनता पार्टी के पास थी. इस वर्ष के अप्रैल महीने में नक्सलियों ने दंतेवाड़ा जिले के श्यामगिरी क्षेत्र में बारूदी सुरंग में विस्फोट करके लोकसभा चुनाव के प्रचार में निकले विधायक भीमा मंडावी के वाहन को उड़ा दिया था. इस घटना में मंडावी और चार पुलिसकर्मियों की मृत्यु हो गई थी. मंडावी की मृत्यु के बाद से अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित यह सीट रिक्त थी और छह महीने के भीतर अब इस सीट पर कांग्रेस का कब्जा हो गया है.

वर्ष 2018 के चुनाव के दौरान बस्तर क्षेत्र के 12 विधानसभा सीटों में से एकमात्र दंतेवाड़ा विधानसभा सीट पर ही भाजपा ने जीत हासिल की थी. दंतेवाड़ा विधानसभा सीट पर 23 सितंबर को मतदान हुआ था और आज मतों की गिनती की गई. परिणाम सत्ताधारी दल के पक्ष में गया और कांग्रेस की देवती कर्मा ने भाजपा की ओजस्वी मंडावी को 11192 मतों से पराजित किया है. इस सीट पर कांग्रेस को 50028 मत तथा भाजपा को 38836 मत प्राप्त हुए.

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ओजस्वी मंडावी नक्सल हमले में मृत विधायक भीमा मंडावी की पत्नी है और देवती कर्मा पूर्व नेता प्रतिपक्ष महेंद्र कर्मा की पत्नी हैं. महेंद्र कर्मा की नक्सलियों ने वर्ष 2013 में झीरम घाटी हमले में हत्या कर दी थी. इस तरह यह चुनाव नक्सलियों से लड़ने वाले परिवारों के मध्य किसी एक को चुनने का था जिन्होंने इस समस्या के कारण अपने परिजनों को खोया है. चुनाव परिणाम से उत्साहित कांग्रेस का कहना है कि यह नौ माह पुरानी सरकार के कामकाज पर जनता की मुहर है. वहीं भारतीय जनता पार्टी का आरोप है कि सरकार ने जीत के लिए शासन तंत्र का दुरूपयोग किया.

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट करके देवती कर्मा को बधाई दी है और कहा कि दंतेवाड़ा विधानसभा उपचुनाव में जनता ने अपना आशीर्वाद देकर नव छत्तीसगढ़ गढ़ने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे कामों पर अपने दृढ़ विश्वास की मुहर लगाई है. यह जीत स्वर्गीय महेंद्र कर्मा जी के सपनों की भी जीत है. वहीं पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने इस जीत के लिए कर्मा को बधाई तो दी, साथ ही सरकार पर प्रशासनिक तंत्र का इस्तेमाल करने आरोप भी लगाया. सिंह ने कहा कि देवती कर्मा को बधाई देता हूं कि उन्होंने जीत हासिल की. भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी इस कठिन परिस्थिति में शहादत के बाद चुनाव मैदान में मजबूती के साथ डटी रही.

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पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाते हुए कहा, ऐसा लग रहा था कि वहां का जिलाधीश कांग्रेस का मुख्य चुनाव संचालक है. पूरा प्रशासनिक तंत्र उनके साथ जुड़ा हुआ था. हमें सभाओं में जाने से रोका गया. कांग्रेस के लिए कोई रूकावट नहीं थी. पूरे तंत्र का उपयोग कर चुनाव में जीत हासिल की गई. ऐसी परंपरा छत्तीसगढ़ में नहीं थी जो इस बार देखने को मिली. राज्य में अब अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित चित्रकोट विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव की भी घोषणा हो गई है. इस सीट पर 21 अक्टूबर को मतदान होगा तथा 24 अक्टूबर को मतगणना होगी.

बस्तर क्षेत्र के चित्रकोट विधानसभा सीट से कांग्रेस के विधायक दीपक बैज के लोकसभा में चुन लिए जाने के बाद से यह सीट रिक्त है. वर्ष 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में राज्य में कांग्रेस ने 90 में से 68 सीटों पर जीत हासिल की थी. वहीं भाजपा को 15 सीटें मिली थी. जबकि बहुजन समाज पार्टी ने दो सीटों पर तथा जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़: जे.ने पांच सीटों पर जीत हासिल की थी.