अहमदाबाद: गुजरात कांग्रेस का विधायक पद छोड़कर भाजपा में शामिल हुए अल्पेश ठाकोर की स्थिति अब घर की, न घाट की जैसी हो गई है. ओबीसी नेता और भाजपा उम्मीदवार अल्पेश ठाकोर राधनपुर विधानसभा सीट से बृहस्पतिवार को उपचुनाव हार गए हैं.

एक अधिकारी ने बताया कि कांग्रेस के रघुभाई देसाई ने ठाकोर को 3,500 से ज्यादा मतों से हराया. पटेल आरक्षण को लेकर हुए आंदोलन के दौरान ओबीसी नेता के रूप में उभरे ठाकोर ने 2017 में कांग्रेस टिकट पर विधानसभा चुनाव जीता था और बाद में वह पार्टी के साथ मतभेदों की वजह से कांग्रेस से बाहर आ गए थे.

विधायक के रूप में इस्तीफा देने के बाद राधनपुर सीट पर चुनाव की जरूरत पड़ी थी. ठाकोर के करीबी सहयोगी धवलसिंह झाला भी बायड सीट से उपचुनाव हार गए. वह भी भाजपा में शामिल हुए थे. कांग्रेस से अलग होकर जब अल्पेश ठाकोर भाजपा में शामिल हुए थे उस वक्त स्थानीय नेताओं ने इनका खुलकर विरोध किया था. भाजपा के कई अन्य विधायकों ने भी अल्पेश का विरोध किया था. इसके बाद भी दोनों नेताओं का भाजपा में प्रवेश हो गया. इससे भाजपा में आंतरिक कलह बढ़ गया था.

बता दें कि राधनपुर विधानसभा सीट काफी समय से भाजपा-कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण रही है. ऐसे में अल्पेश कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए और उप चुनाव लड़ा. राजनीति में प्रवेश के पहले अल्पेश ने शराबबंदी और दूसरे प्रांत से आए लोगों पर जो टिप्पणी की, उससे लोग नाराज हो गए थे. उसी का असर चुनाव में दिखाई दिया.

(इनपुट-भाषा)