पेहोवा: हरियाणा में सत्तारूढ़ भाजपा ने इंडियन नेशनल लोक दल (इनेलो) और कांग्रेस का गढ़ समझे जाने वाले पेहोवा विधानसभा क्षेत्र में अपनी पैठ जमाने के लिए भारतीय हॉकी कैप्टन संदीप सिंह पर दांव आजमाते हुए उन्हें चुनाव मैदान में उतारा है. हॉकी में अपने ड्रैग फ्लिक्स के लिए मशहूर संदीप सिंह राजनीति में अभी नए-नवेले हैं और वह एक अलग क्षेत्र से आए हैं जबकि इनेलो और कांग्रेस का गढ़ फतह करने के लिए भाजपा उन पर काफी भरोसा जता रही है. भाजपा इस विधानसभा क्षेत्र में कभी जीत दर्ज नहीं कर पाई है. कांग्रेस 1967 के बाद से इस सीट पर पांच बार विजयी रही है जबकि इनेलो इस सीट से दो बार विजयी रहा है.

कुरुक्षेत्र जिले में पेहोवा ही एकमात्र ऐसा विधानसभा क्षेत्र है जहां भाजपा 2014 का विधानसभा चुनाव हारी थी. इनेलो उम्मीदवार जसविंदर संधू ने भाजपा के जय भगवान शर्मा को 9,347 मतों से हराया था, जबकि पूर्व वित्त मंत्री हरमोहिंदर सिंह चाठा के पुत्र कांग्रेस उम्मीदवार मंदीप सिंह चाठा तीसरे स्थान पर रहे थे. हरमोहिंदर चाठा लगातार दो बार इस सीट से प्रतिनिधि रहे थे.

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इनेलो में दो फाड़ होने और इस साल जनवरी में मौजूदा विधायक संधू के निधन के बाद पार्टी के लिए चीजें थोड़ी मुश्किल कर दी हैं. वहीं, कांग्रेस अपने खो चुके गढ़ में फिर से पैठ बनाने की कोशिश करेगी. ऐसा प्रतीत होता है कि सीधा-सीधा मुकाबला संदीप सिंह (भाजपा) और मंदीप चाठा (कांग्रेस) के बीच ही होने वाला है.

वर्ष 2006 में एक ट्रेन में दुर्घटनावश गोलीबारी का शिकार होने के बाद से संदीप सिंह (33) लकवाग्रस्त हैं और पिछले दो साल से वह व्हीलचेयर पर हैं. उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यों से प्रेरित हैं और इसी कारण वह चुनाव मैदान में उतरे हैं. संदीप ने कहा, ‘मैं देश की सेवा करना चाहता हूं, पहले मैं देश के लिए खेलता था और अब मैं पेहोवा की जनता के लिए करूंगा.’

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संदीप सिंह के मुख्य प्रतिद्वंद्वी मंदीप चाठा 2014 में इनेलो के संधू के हाथों हार के बाद एक बार फिर से अपना जमीनी आधार हासिल करने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं. मंदीप चाठा ने कहा कि जहां तक विकास की बात है तो पेहोवा में पिछले पांच साल में कोई उल्लेखनीय बदलाव नहीं हुआ है.

उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस के शासन के दौरान 65 नई सड़कें बनाई गईं जबकि भाजपा युवाओं की क्षमता के अनुसार उन्हें रोजगार देने में नाकाम रही. पेहोवा एक प्रमुख धार्मिक स्थान है और देश भर से लोग यहां आते हैं लेकिन पर्यटन स्थल के तौर पर इसे विकसित करने के लिए कोई खास प्रयास नहीं किया गया.’

(इनपुट-भाषा)