नई दिल्ली: देश में कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप व लॉकडाउन के बीच हरियाणा सरकार की तरफ से नई सूचना जारी की गई है. हरियाणा में अब एक साल तक किसी प्रकार की भर्ती नहीं होगी. साथ ही प्रदेश में कार्यरत कर्मचारियों को एलटीसी, डीए व एरियर पर भी रोक लगा दी गई है. हरियाणा में उपजे वित्तीय संकट के कारण यह फैसला लिया गया है. Also Read - Delhi-Gurugram Border Opens: दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर खुला, जानें NCR के अन्य इलाकों का हाल

हरियाणा सरकार ने फिलहाल कर्मचारियों को दिए जा रहे एलटीसी पर भी रोक लगा दी है. अब अगले आदेश तक डीए, एलटीसी जैसी सुविधाएं सरकारी कर्मचारियों को नहीं दी जाएंगी. साथ ही सभी सरकारी विभाग किसी प्रकार के अतिरिक्त खर्च करने से बचेंगे. हरियाणा सरकार द्वारा ऐसा करने के पीछे मकसद है कि वित्तीय बोझ को कम किया जाए, क्योंकि सरकार फिलहाल 5000 करोड़ रुपए के वित्तीय नुकसान को झेल रही है. Also Read - Gurugram Containment Zones list: गुरुग्राम में 18 नए इलाकों को किया गया सील, यहां देखें पूरी लिस्ट

बता दें कि इस साल के बाद ही सभी भर्तियों की प्रक्रिया को दोबारा शुरू किया जाएगा व सरकारी कर्मचारियों को डीए, एरियर व एलटीसी की सुविधाएं दोबारा मिल सकेंगी. ऐसा केंद्र सराकर की तर्ज पर किया गया है क्योंकि केंद्र सरकार ने भी बीतें दिनों कुछ ऐसा ही फैसला लिया था. इस बाबत मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण आर्थिक संकट पैदा हुआ है. यही वजह है कि राज्य सरकार के खर्चों में कटौती किए जाने का फैसला किया गया है. राज्य में 1 साल तक सभी भर्तियों पर रोक लगा दिया गया है व उनको दी जाने वाली कई सुविधाओं पर भी एक साल तक के लिए रोक लगा दी गई है. Also Read - हरियाणा सरकार का आदेश- मास्क नहीं पहनने और सार्वजनिक स्थानों पर थूका तो लगेगा 500 रुपए का जुर्माना