वैष्णो देवी जाने का है प्लान? 18 फरवरी को पूरा कटरा रहेगा बंद, जानें क्या है वजह

माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति ने बुधवार (18 फरवरी) को कटरा बंद का ऐलान किया है. इससे यहां आने वाले भक्तों को खाने-पीने की चीजें, दवाइयां, पानी और जरूरी सामान खरीदने में मुश्किल हो सकती है.

Published date india.com Published: February 17, 2026 10:32 PM IST
वैष्णो देवी जाने का है प्लान? 18 फरवरी को पूरा कटरा रहेगा बंद, जानें क्या है वजह
कटरा के मुख्य बाजारों के साथ-साथ छोटे ढाबे, होटल और रेस्टोरेंट तक बंद रखने का फैसला लिया गया है. (Photo From Google)

जम्मू-कश्मीर में कटरा के पास त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित ‘श्री माता वैष्णो देवी’ मंदिर से बड़ी खबर सामने आई है. दरअसल, कटरा से सांझीछत रोपवे प्रोजेक्ट पर विवाद और बढ़ गया है. जिस कारण माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति ने बुधवार (18 फरवरी) को एक दिवसीय कटरा बंद का आह्वान किया. समिति का कहना है कि रोपवे बनने से स्थानीय लोगों के रोजगार पर सीधा असर पड़ेगा. बंद के दौरान, कटरा के मुख्य बाजारों के साथ-साथ छोटे ढाबे, होटल और रेस्टोरेंट तक बंद रखने का फैसला लिया गया है. इससे बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को खाने-पीने और जरूरी सामान खरीदने में दिक्कत हो सकती है.

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क्यों हो रहा कटरा से सांझीछत रोपवे का विरोध?

संघर्ष समिति का कहना है कि रोपवे परियोजना शुरू होते ही उन हजारों लोगों का रोजगार छिन जाएगा, जो सालों से घोड़े, पिट्ठू और पालकी के जरिए श्रद्धालुओं की सेवा कर रहे हैं. उनका कहना है कि जब श्रद्धालु सीधे रोपवे से सांझीछत पहुंच जाएंगे, तो घोड़े-पालकी वालों की जरूरत कम हो जाएगी और कई परिवारों की रोजी-रोटी संकट में आ जाएगी. स्थानीय व्यापारियों को भी डर है कि रोपवे के कारण बाजारों में भीड़ कम होगी, जिससे दुकानदारों और होटल-ढाबा चलाने वालों की कमाई पर बड़ा असर पड़ेगा. यही वजह है कि रोपवे को लेकर गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है.

श्राइन बोर्ड की बैठक में क्या-क्या तय हुआ था?

हाल ही में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में हुई श्राइन बोर्ड की बैठक में कई बड़े विकास कार्यों को मंजूरी दी गई थी. इनमें रोपवे भी शामिल है, लेकिन यही फैसला अब कटरा के लोगों के लिए गले की फांस बन गया है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि विकास जरूरी है, लेकिन ऐसा विकास नहीं होना चाहिए जिससे स्थानीय लोगों का रोजगार खत्म हो जाए. संघर्ष समिति की मांग है कि सरकार और श्राइन बोर्ड पहले स्थानीय हितों पर विचार करें, उसके बाद ही इस तरह की परियोजना लागू की जाए.

कटरा बंद का श्रद्धालुओं पर क्या असर पड़ेगा?

अगर आपका 18 फरवरी को कटरा जाने का प्लान हैं, तो कई दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. बाजार बंद होने के कारण खाने-पीने की चीजें, दवाइयां, पानी और जरूरी सामान खरीदना मुश्किल हो सकता है. खासकर उन श्रद्धालुओं को परेशानी होगी, जो बिना तैयारी के यात्रा पर निकलेंगे. संघर्ष समिति ने साफ कहा है कि यह बंद फिलहाल एक दिन का है, लेकिन अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. ऐसे में यात्रियों को सलाह है कि वे कटरा आने से पहले अपनी व्यवस्था पूरी कर लें और स्थानीय हालात की जानकारी लेकर ही यात्रा शुरू करें.

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