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झारखंड की राजनीति में हेमंत सोरेन की किले बंदी कितनी मजबूत? क्या योजनाओं का जनता पर होगा असर ?
81 सदस्यों वाली झारखंड विधानसभा में बहुमत का आकड़ा 42 है, 2019 में हुए पिछले विधानसभा के चुनाव में झामुमो के गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिला था जिसमें कांग्रेस और राजद भी शामिल थे. 2019 में झामुमो को 30 सीटों पर जीत मिली थी और सहयोगी कांग्रेस को 16 सीटों पर जीत मिली थी,
Jharkhand Assembly Election: झारखंड में आज विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है ,हेमंत सोरेन राज्य की सत्ता को फिर से संभालने के लिए कमर कसते नजर आ रहे है इसी कड़ी में राज्य की हेमंत सोरेन सरकार ने कई सारी योजनाएं शुरु की है साथ ही कई सारी योजनाओं की घोषणा की है.81 सदस्यों वाली झारखंड विधानसभा में 44 सीटें सामान्य, 28 अनुसूचित जनजाति (ST)और नौ अनुसूचित जाति(SC) के लिए आरक्षित है,सरकार बनाने के लिए बहुमत का आकड़ा 42 है,2019 में हुए पिछले विधानसभा के चुनाव में झामुमो के गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिला था जिसमें कांग्रेस और राजद भी शामिल थे.2019 में झामुमो को 30 सीटों पर जीत मिली थी और सहयोगी कांग्रेस को 16 सीटों पर जीत मिली थी,भाजपा का इस चुनाव में प्रदर्शन खराब रहा था और वो सिर्फ 25 सीटों पर जीत दर्ज कर पाईं थी जबकि 2014 के चुनाव में भाजपा को 37 सीटों पर जीत मिली थी.2019 के झारखंड चुनाव में झामुमो गठबंधन का नेतृत्व जहां हेमंत सोरेन ने किया था वहीं भाजपा का नेतृत्व रघुवर दास ने किया था जो सीटिंग सीएम रहते हुए भी चुनाव हार गए थे,दास को पीएम मोदी का काफी करीबी माना जाता है.2024 के झारखंड चुनाव में राज्य सरकार की कौन-सी योजनाएं बिग फैक्टर साबित हो सकती है आइये जानते है .
मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना
2024 के चुनाव में राज्य सरकार की मईंया सम्मान योजना एक बिग फैक्टर है जो व्यापक स्तर पर चुनाव को प्रभावित करेगी इससे इंकार नहीं किया जा सकता है. राज्य सरकार की इस महत्वकांक्षी योजना में 18 से 50 वर्ष उम्र वाली राज्य की सभी महिलाओं को 1000 रुपए महीने दिए जाने का प्रावधान है जिसे चुनाव से ठीक पहले बढ़ाकर 2500 रुपए कर दिया गया है जो दिसबंर महीने से मिलना शुरू हो जाएगा.झारखंड कैबिनेट ने चुनाव की तारीखों के ऐलान से ठीक पहले कल(सोमवार) की अपनी बैठक में इस फैसले पर अपनी मुहर लगा दी है.मंईया सम्मान योजना में की गई बढ़ोतरी की वजह से राज्य सरकार पर 9000 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा. झारखंड में रहने वाली आबादी का एक बढ़ा हिस्सा बहुत ही गरीब है जिसके गरीबी के घाव पर सरकार की ये योजना मरहम की तरह से काम करेगी.इस योजना से लाभान्वित आबादी का एक बड़ा हिस्सा खासकर महिलाएं यदि हेमंत सोरेन के गठबंधन को अपना समर्थन देती है तो इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी.मंईया सम्मान योजना से राज्य की 53 लाख महिलाओं को वर्तमान में लाभ प्राप्त हो रहा है ,राज्य में कुल 1.29 करोड़ महिला मतदाता रजिस्टर्ड है .
अबुआ (अपना) आवास योजना
झारखंड सरकार की अबुआ आवास योजना के तहत राज्य के ऐसे गरीब परिवारों को 3 कमरों के पक्के आवास की सुविधा प्रदान की जाती है जिनके पास की अब तक अपना कोई भी घर नहीं है.हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने इस योजना के मद में 15000 करोड़ रुपए का बजट तय किया है जिससे 2026 तक 8 लाख परिवारों को आवास देने का लक्ष्य रखा गया है .
गुरुजी स्टूडेंट्स क्रेडिट कार्ड योजना
झारखंड सरकार द्वारा शुरु की गई इस योजना के तहत राज्य के गरीब छात्रों को 12वीं के बाद उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए 15 लाख रुपए तक का ऋण प्रदान किया जाता है जिस पर मात्र 4% की ब्याज दर लागू होती है.इस योजना का लाभ लेने वाले छात्र राज्य के मूल निवासी होने चाहिए और ऋण चुकाने के लिए 15 साल तक का समय सरकार द्वारा दिया जाता है.
असम में रह रहे 15 लाख आदिवासियों के लिए भी योजना लाएगी सरकार
असम में रह रहे झारखंड के15 लाख आदिवासियों को राज्य सरकार की ओर से लाभान्वित करने के लिए विशेष योजना लाई जाएगी. इन आदिवासियों को असम में एसटी का दर्जा नहीं मिला है.राज्य सरकार के कैबिनेट की ओर से मंजूर किए गए प्रस्ताव के अनुसार, राज्य सरकार की ओर से एक सर्वदलीय टीम इन आदिवासियों की स्थिति के अध्ययन के लिए असम जाएगी और उस टीम के द्वारा दिए गए रिपोर्ट पर आदिवासियों के कल्याणार्थ और सहायतार्थ योजनाएं शुरू की जाएंगी.
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