कोलकाता एयरपोर्ट की 130 साल पुरानी मस्जिद में 3 दिन तक नमाज पर रोक, जानें क्या है वजह

Written By: Ikramuddin Updated by: Ikramuddin Saifi
Updated Date:July 11, 2026 11:54 PM IST

दमदम उत्तर से भाजपा विधायक सौरव सिकदर ने दावा किया कि एयरपोर्ट परिसर में मस्जिद होने की वजह से दोनों रनवे का पूरी क्षमता से इस्तेमाल नहीं हो पाता. उनका यह भी कहना है कि यह इलाका हाई सिक्योरिटी जोन में आता है, इसलिए यहां आने-जाने वालों की सुरक्षा जांच को लेकर सवाल उठते हैं.

कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के परिसर में मौजूद करीब 130 साल पुरानी गौरीपुर जामा मस्जिद में शनिवार से तीन दिनों तक नमाज अदा नहीं की जा सकेगी. एयरपोर्ट प्रशासन के मुताबिक मस्जिद में मरम्मत और निर्माण का काम चल रहा है, इसलिए एहतियात के तौर पर लोगों के प्रवेश पर अस्थायी रोक लगाई गई है. यह मस्जिद, जिसे बांकड़ा मस्जिद के नाम से भी जाना जाता है, एयरपोर्ट की सेकेंडरी रनवे से कुछ ही दूरी पर स्थित है. अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद लोगों को पहले की तरह नमाज पढ़ने की अनुमति दे दी जाएगी.

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मामले में राजनीति तेज

इस बीच इस मुद्दे पर राजनीति भी तेज हो गई है. दमदम उत्तर से भाजपा विधायक सौरव सिकदर ने दावा किया कि एयरपोर्ट परिसर में मस्जिद होने की वजह से दोनों रनवे का पूरी क्षमता से इस्तेमाल नहीं हो पाता. उनका यह भी कहना है कि यह इलाका हाई सिक्योरिटी जोन में आता है, इसलिए यहां आने-जाने वालों की सुरक्षा जांच को लेकर सवाल उठते हैं. सिकदर का आरोप है कि नमाज के लिए आने वाले लोगों को एयरपोर्ट के दूसरे कर्मचारियों या यात्रियों की तरह बायोमेट्रिक पास या बैकग्राउंड वेरिफिकेशन की जरूरत नहीं पड़ती.

क्या बोले भाजपा नेता

उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को उनकी पार्टी पहले भी संबंधित अधिकारियों के सामने उठा चुकी है और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की मांग की है. वहीं, तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री सिद्दीकुल्लाह चौधरी ने इस फैसले पर आपत्ति जताई है. उनका कहना है कि यह मस्जिद 130 साल से भी ज्यादा पुरानी है और इस मामले पर प्रशासन के साथ बातचीत पहले से चल रही है. ऐसे में नमाज पर रोक लगाने की जरूरत नहीं थी.

विपक्ष ने क्या कहा

उन्होंने कहा कि मस्जिद से जुड़े किसी भी मुद्दे का हल बातचीत के जरिए निकाला जा सकता है और सभी पक्ष सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए तैयार हैं. फिलहाल प्रशासन का कहना है कि मरम्मत का काम पूरा होते ही मस्जिद को फिर से श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा. (एजेंसी इनपुट्स के साथ)

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