मथुरा: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा स्थानीय तीन प्रमुख मंदिरों की व्यवस्था अपने हाथ में लेने के प्रस्ताव पर के विरोध में रविवार को पंचायत का आयोजन किया गया. अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के बैनर तले रविवार को गोवर्धन में बुलाई गई महापंचायत में मंदिरों के कथित अधिग्रहण का हर स्थिति में विरोध करने का निर्णय किया. Also Read - यूपी के स्कूलों में बांटें जाएंगे टैबलेट, सरकार देगी डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा

महापंचायत में जनपद के अन्य तीर्थस्थलों नन्दगांव, बरसाना, गोकुल एवं महावन आदि के भी सेवायतों ने भाग लिया. गौरतलब है कि सरकार ने हाल ही में गोवर्धन में गिरिराज पर्वत की सप्तकोसीय परिक्रमा में आने वाले दानघाटी मंदिर, जतीपुरा मंदिर एवं मुखारबिन्दु मंदिर का अधिग्रहण कर सारी व्यवस्था स्वयं संभालने की मंशा दर्शाई थी. Also Read - School Online Education: अखिलेश ने यूपी में ऑनलाइन शिक्षा को बताया अव्यवहारिक कदम, कहा- केवल 27% बच्चों के पास है स्मार्टफोन, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस 

महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश पाठक ने कहा, ‘सरकार के मंत्री यदि यहां आएं तो मंदिरों में उनका स्वागत सत्कार न किया जाए, उन्हें तिलक न लगाया जाए और हो सके तो मंदिरों में प्रवेश भी न करने दिया जाए.’ Also Read - योगी सरकार का मास्टरस्ट्रोक, यूपी में कारोबार शुरू करना हुआ आसान, MSME Act को मिली मंजूरी

उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद त्रिपाठी ने कहा, ‘मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले गोरखपुर के गोरक्षपीठ मंदिर का अधिग्रहण करके दिखाएं. फिर अन्य मंदिरों के बारे में सोचें.’ उन्होंने कहा कि मंदिरों के अधिग्रहण की बात उठती रहती है. हिम्मत है सरकार मस्जिदों एवं गिरिजाघरों का अधिग्रहण करें. गोवर्धन के पूर्व विधायक राजकुमार रावत, अभा युवा ब्राह्मण महासभा के जिलाध्यक्ष कुलदीप पाठक, मथुरा के सांसद प्रत्याशी रहे बसपा के योगेश द्धिवेदी ने सेवायतों का समर्थन करने की बात कही.

प्रदेश के ऊर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा ने रविवार को कहा, ‘मंदिर अधिग्रहण के मामले पर राजनीति करने से बाज आएं और सरकार का सहयोग कर व्यवस्था के सुधार में सहयोग करें.’