लखनऊ. उत्तर प्रदेश में बिजली कर्मचारी अब 6 माह तक किसी भी समस्या को लेकर हड़ताल नहीं कर सकेंगे. प्रदेश सरकार ने जनहित में 6 माह की अवधि के लिए विद्युत विभाग के अधीन समस्त सेवाओं में हड़ताल करना निषिद्ध कर दिया है. इसके लिए शासन ने अधिसूचना भी जारी कर दी है. Also Read - Covid-19: नवरात्रि से पहले धार्मिक स्थलों में प्रवेश को लेकर योगी सरकार का बड़ा फैसला, अब एक साथ सिर्फ...

ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने बताया कि सरकार ने अगले 6 महीने के लिए उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन, उप्र राज्य विद्युत उत्पादन निगम, उप्र जल विद्युत निगम, उप्र पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन, कानपुर इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कंपनी (केस्को) के साथ ही राज्य के सभी डिस्कामों में, जिसमें मध्यांचल विद्युत वितरण निगम-लखनऊ, पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम-वाराणसी. Also Read - उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में आर्थिक तंगी से परेशान किसान ने फांसी लगाकर की खुदकुशी

पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम-मेरठ व दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम-आगरा के अधीन समस्त सेवाओं में हड़ताल करना निषिद्ध कर दिया है. हड़ताल पर प्रतिबंध उत्तर प्रदेश अत्यावश्यक सेवाओं का अनुरक्षण अधिनियम, 1966 के तहत लगाया गया है. Also Read - Uttar Pradesh: योगी सरकार का दावा, अल्पसंख्यकों के लिए खोले खजाने, जारी किए यह आंकड़े