नई दिल्ली: कोरोना वायरस के खिलाफ केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए 15 हजार करोड़ के पैकेज को नाकाफी बताते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि केंद्र को चाहिए कि वो राज्य सरकारों की वित्तीय मदद करे. अमरिंदर सिंह ने शुक्रवार को कहा कि कोरोना वायरस के खिलाफ केंद्र की ओर से राज्यों के लिए तय 15 हजार करोड़ रुपये का पैकेज नाकाफी है और ऐसे में मोदी सरकार को प्रदेश सरकारों को पर्याप्त वित्तीय मदद देनी चाहिए. Also Read - 84 दिन बाद भारत में 50,000 से कम नए मामले आए, ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं: स्वास्थ्य मंत्रालय

बता दें कि इस समय राज्य में गेंहूं की कटाई की सीजन है. ऐसे में लॉकडाउन ने सरकार की चनौती और बढ़ा दी है. हालांकि इस पर उन्होंने यह भी बताया कि 15 अप्रैल से किसानों को फसलों की कटाई के लिए लॉकडाउन में ढील दी जाएगी और इसमें सामाजिक दूरी का ध्यान रखा जाएगा. Also Read - Lockdown News: यहां दो हफ्तों के लिए लगेगा 'संपूर्ण लॉकडाउन', जानें क्या खुलेगा क्या रहेगा बंद?

अमरिंदर सिंह ने वीडियो लिंक के माध्यम से संवाददाताओं से कहा, ‘हमने पहले लॉकडाउन किया और बाद में कर्फ्यू लगाया. फिर लोगों तक जरूरी वस्तुओं को पहुंचाने की व्यवस्था की. हमारे लोग हर मोहल्ले में पहुंचकर जरूरी वस्तुएं मुहैया करा रहे हैं.’ मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के मामले शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में लोग विदेश से लोग पंजाब में आये. हमने स्क्रीनिंग की और लोगों को पृथक रखा. अब ज्यादातर लोग पृथक वास से बाहर आ चुके हैं. Also Read - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम 6 बजे राष्ट्र को करेंगे संबोधित, इन मुद्दों पर कर सकते हैं बात

उन्होंने कहा, ‘ फिलहाल स्थिति नियंत्रण में हैं. हम ने132 मामलों की पुष्टि है. 11 लोगों की मौत हुई है. कुल 2877 लोगों की जांच हुई.’ मुख्यमंत्री ने कहा कि हम चार चरणों में तैयारी कर रहे हैं. पहले चरण में 200 हजार बेड और उपकरण, दूसरे चरण में 10 हजार बेड एवं उपकरण, तीसरे चरण में 30 हजार बेड एवं उपकरण, चौथे चरण में एक लाख बेड एवं उपकरण की व्यवस्था होगी.

उन्होंने कुछ विशेषज्ञों का हवाला देते हुए कहा कि स्थिति भयावह हो सकती है और इसको लेकर तैयारी करनी होगी.

केंद्र सरकार की ओर दिए जा रहे पॉकेज के बारे में पूछे जाने पर अमरिंदर ने कहा, ‘ 15 हजार करोड़ रुपये पर्याप्त नहीं है. 1.30 अरब की आबादी में यह कुछ नहीं है.’ उन्होंने कहा, ‘राज्यों की स्थिति ऐसी स्थिति नहीं है वो अकेले लड़ सकें . केंद्र को उनकी पूरी मदद करनी चाहिए.’

(इनपुट भाषा)