हैदराबाद: तेलंगाना में राज्य सड़क परिवहन निगम (टीएसआरटीसी) के कर्मचारियों की हड़ताल खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. टीएसआरटीसी के हड़ताली कर्मचारियों का विभिन्न मांगों को लेकर राज्यव्यापी बंद शनिवार को शुरू हो गया. कर्मचारियों ने निगम का तेलंगाना सरकार में विलय सहित विभिन्न मांगों को लेकर बंद का आह्वान किया है. विपक्षी पार्टियों ने भी इसमें सक्रिय सहयोग दिया है.

इस बंद से एक दिन पहले तेलंगाना उच्च न्यायालय ने राज्य परिवहन निगम और कर्मचारी संघों को बातचीत करने और सभी विवादों का समाधान 28 अक्टूबर से पहले करने का निर्देश दिया था.

इस बीच तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (टीएसआरटीसी) के कर्मचारियों के आंदोलन से राज्यभर में बस सेवा बुरी तरह से प्रभावित हुई है. कर्मचारियों का आंदोलन शनिवार को 15वें दिन में प्रवेश कर गया.

आरटीसी अस्थायी चालकों और सहचालकों के साथ सेवाएं संचालित कर रहा है. आरटीसी सूत्रों के अनुसार बंद के मद्देनजर बस सेवाओं का संचालन जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों के साथ मशविरे से किया जा रहा है.

सभी प्रमुख विपक्षी दलों ने दिन में प्रदर्शन आयोजित करने की घोषणा की है. तेदेपा और तेलंगाना जन समिति (टीजेएस) ने दावा किया कि उसके नेताओं को तब विभिन्न पुलिस थानों में भेज दिया गया जब वे सुबह जुबिली बस स्टेशन पर प्रदर्शन करने का प्रयास कर रहे थे. राजनीतिक दलों के अलावा राज्य सरकार कर्मचारियों, ट्रेड यूनियन, अधिवक्ताओं के एक वर्ग और छात्र संघों ने बंद को अपना समर्थन दिया है.

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के फैसले के बाद लगभग 48,000 कर्मियों ने सरकार द्वारा तय अंतिम तिथि से पहले काम पर नहीं लौटकर अपनी नौकरी से हाथ धोया है. उन्होंने इन कर्मियों को टीएसआरटीसी में वापस नियुक्त करने से इनकार कर दिया था. इस मामले में अब तक कर्मचारियों की मौत हो चुकी है.

(इनपुट-भाषा)