पंजाब विधानसभा चुनाव में पहली बार अपनी क़िस्मत आज़मा रही आम आदमी पार्टी के पास इन चुनाव के नतीजों में  पाने के लिए बहुत कुछ है, खोने के लिए बहुत कम है। अभी तक सिर्फ दिल्ली की राजनीति में सिमटी पार्टी अगर पंजाब में अच्छे परिणाम ले आती है तो राष्ट्रीय राजनीति में उसकी जगह पक्की हो जाएगी। पार्टी ने अपने मज़बूत इरादों का प्रदर्शन तो तभी कर दिया था जब 117 में से 112 विधानसभी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे। पिछले कई विधानसभा चुनावों में पंजाब में सत्ता को शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस आपस में बांटते रहे हैं। आम आदमी पार्टी की इस जीत के बाद ही पंजाब की राजनीति में दिलचस्प मोड़ आ जाएगा।

राजनैतिक पहुंच का दायरा बढ़ेगा

पंजाब में आप की जीत पार्टी की राजनीतिक पहुंच का दायरा बढ़ाएगी। पार्टी का राजनीतिक भविष्य सिर्फ एक राज्य तक ही सिमटा हुआ नहीं रह जाएगा। अब तक सिर्फ एक राज्य दिल्ली में पार्टी का शासन था, वो भी पूर्ण राज्य नहीं है। आप दिल्ली से आगे निकलना चाहती थी और इसी के लिए इस बार उसने पंजाब और गोवा पर दांव लगाया है।

नीतियां बनाने में मिलेगी स्वतंत्रता

के अपने अलग तौर-तरीकों और रुख का प्रदर्शन करने के लिए आम आदमी पार्टी को एक और राज्य की जरूरत है। सिर्फ दिल्ली पर सत्ता हासिल करके उसका ये मकसद पूरा नहीं हुआ। दिल्ली आधा राज्य है। इसकी वजह से यहां कई ताकतें उपराज्यपाल में निहित हैं। इसके चलते राज्य सरकार की कई योजनाएं परवान नहीं चढ़ पा रही हैं। अगर पंजाब में आम आदमी पार्टी को बहुमत हासिल हो जाता है तो वो गर्वनेंस और नीतियों के मामले में ज्यादा स्वतंत्र हो पाएगी।

अरविंद केजरीवाल का कद बढ़ेगा

पंजाब विधानसभा चुनाव 2017 दिल्ली सीएम और आम आदमी पार्टी अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल के राजनैतिक भविष्य के लिए एक अहम पड़ाव है। पंजाब में पहली बार चुनाव लड़ रही केजरीवाल की पार्टी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। भले ही पार्टी ने राज्य की 117 विधानसभा सीटों में से 112 पर अपने प्रत्याशी उतारे, लेकिन अगर बड़ी पिक्चर देखी जाए तो चुनाव जिताने का सारा दारोमदार केजरीवाल के कंधों पर ही रहा। केजरीवाल ने भी पूरे जोश के साथ ये दावा कर डाला कि उनकी पार्टी 100 सीटें लेकर आएगी। पंजाब में हासिल हुई जीत के बाद केजरीवाल का कद राष्ट्रीय राजनीति में बढ़ जाएगा। ‘दिल्ली के सीएम’ वाली उनकी पहचान बदल जाएगी। उन्हें देश की राजनीति में अहम किरदार माना जाएगा।

गुजरात में मिलेगा फायदा 

पंजाब और गोवा में चुनाव के नतीजे आने से काफी पहले ही आम आदमी पार्टी ने गुजरात में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियां शुरू कर दी हैं। आम आदमी पार्टी ने घोषणा की है कि पार्टी गुजरात की सभी 182 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, इतना ही नहीं 26 मार्च को अरविंद केजरीवाल गुजरात में ‘गुजरात आजाद’ कैम्पेन की शुरुआत करेंगे। ज़ाहिर तौर पर, अगर पंजाब में आम आदमी पार्टी को जीत हासिल होती है तो गुजरात में उन्हें इस जीत का फायदा मिलेगा। उसकी छवि को लेकर गुजरात के शंकित वोटर भी काफी हद तक सहमत दिख सकते हैं। वहीं पार्टी के कार्यकर्ताओं का भी मनोबल बढ़ेगा। तब अरविंद केजरीवाल के पास सिर्फ दिल्ली का ही नहीं, बल्कि पंजाब का उदारण भी होगा जिसे देकर वो गुजरात के वोटरों को लुभाने का प्रयास करेंगे।