अलवर: महिलाएं बड़ी संख्या में कामकाजी हो रही हैं. वहीं, राजस्थान के अलवर इलाके के शाहजहांपुर में एक महिला की सिर्फ इसलिए हत्या कर दी गई क्योंकि वह नौकरी करने लगी थी. महिला की नौकरी को राजपूताना शान के खिलाफ माना जा रहा था. पुलिस के मुताबिक हत्या का आरोप महिला के पति के चाचा पर है. हत्या तब की गई जब महिला काम पर जा रही थी. घटना 15 मार्च की है. 33 वर्षीय ऊषा देवी अलवर जिले के शाहजहांपुर के एनएच-8 से रहने वाली थी. उसका पति मुकेश मजदूरी करता है. उसकी एक बेटी तनुजा व एक 10 साल का बेटा धीरज है. ऊषा के पति के चाचा ने 15 मार्च को काम पर जाते समय रास्ते में उसकी हत्या कर दी. Also Read - सचिन पायलट की टीम ने जारी किया वीडियो संदेश, समर्थक विधायकों को दिखाया

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प्लास्टिक फैक्ट्री में काम करने लगी थी महिला Also Read - राजस्थान भाजपा प्रमुख बोले- हम 75 हैं, पर कई विधायक हमसे जुड़ना चाहते हैं

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक ऊषा परिवार की आर्थिक सुरक्षा और बच्चों को पढ़ाना चाहती थी. पति मुकेश इतना नहीं कमा पाता था कि घर ठीक से चल सके. इसलिए उसने नौकरी करने का फैसला किया. वह एक प्लास्टिक फैक्ट्री में काम करने लगी. ऊषा की बड़ी बहन बीना ने बताया कि ऊषा 7 हजार रुपए कमा रही थी. रोज सुबह 5 बजे उठकर बच्चों के लिए खाना बनाकर और स्कूल भेजकर वह 8 बजे काम पर जाती थी. और शाम में 6 बजे लौटती थी. ऊषा के जेठ मुकेश चौहान ने बताया कि ऊषा की नौकरी से परिवार को लग रहा था कि उनकी शान कम हो रही है. ऊषा बाकी घर वालों से ज्यादा कमा रही थी. मुकेश के अनुसार करीब 4-5 महीने पहले चाचा ममराज सिंह ने ऊषा की नौकरी करने को लेकर चप्पलों से पिटाई की थी. वह ऊषा का पीछा करते थे. मैंने ऊषा को सतर्क रहने को कहा था. हमने कभी नहीं सोचा था कि वह उसकी हत्या कर देंगे.

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हत्या के बाद भी कोई अफसोस नहीं

पुलिस ने बताया कि आरोपी को अरेस्ट कर लिया गया है. उसने गुनाह कुबूल कर लिया, लेकिन उसे कोई पछतावा नहीं है. सुरेंद्र मलिक, एसएचओ शाहजहांपुर ने बताया कि आरोपी का कि एक महिला का काम करना राजपूताना शान के खिलाफ है.  पुलिस ने बताया कि इससे शर्मनाक क्या होगा कि सरेआम हत्या के बाद भी किसी ने भी महिला की मदद नहीं की.