मोबाइल ऐप के माध्‍यम से बैंक अकाउंट में सेंध लगाने के मामले सामने आते रहते हैं. गूगल प्‍ले पर ऐसे ही 23 नए फ्लीसवेयर (fleeceware) ऐप पाए गए हैं. ये ऐप्‍स सब्‍सक्रिप्‍शन के नाम पर धीरे-धीरे यूजर्स के बैंक अकाउंट खाली कर देते हैं. साइबर स‍िक्‍योरिटी और सॉफ्टवेयर फर्म Sophos के रिसर्चर्स ने एक ब्‍लॉग पोस्‍ट में इन 23 खतरनाक ऐप का खुलासा किया है. अगर आपके मोबाइल में भी ये ऐप हैं, तो इन्‍हें तुरंत हटा देना चाहिए.Also Read - Google Best Android Apps, Games of 2020 in India: साल 2020 के बेस्ट ऐप्स की घोषणा, यहां देखें किस ऐप को मिला कौन सा अवॉर्ड

Sophos ने करीब 7 महीने पहले 25 ऐंड्रॉयड फ्लीसवेयर (fleeceware) ऐप का खुलासा किया था, जो यूजर्स को चूना लगा रहे थे. इसके बाद गूगल ने नए निर्देशों के साथ अपनी डेवलपर पॉलिसी को अपडेट किया था. Sophos की रिचर्स टीम ने कहा है कि गूगल की अपडेटेड पॉलिसी लागू होने के करीब दो महीने बाद भी कुछ डेवलपर इसका उल्लंघन कर रहे हैं. Also Read - Call of Duty: Mobile गेम Google Play Users’ Choice Game of 2019 के लिए हुआ नॉमिनेट

फ्लीसवेयर ऐप क्‍या होते हैं?
फ्लीसवेयर एक तरह के मैलवेयर मोबाइल ऐप हैं. ये ऐप छिपाई गई सब्सक्रिप्शन फीस के साथ आते हैं। ऐसे ऐप आमतौर पर उन यूजर्स को चूना लगाते हैं, जिन्‍हें ऐप हटाने के बाद सब्सक्रिप्शन कैंसिल करने के तरीके की जानकारी नहीं होती है. Also Read - Google का बड़ा फैसला, एंड्रॉयड निर्माताओं से इतने डॉलर की करेगी वसूली

बैंक खाते में कैसे सेंध लगाते हैं ये ऐप?
Sophos रिसर्चर्स ने कहा है क‍ि गूगल प्‍ले स्‍टोर पर फ्लीसवेयर बनाने वाले ‘ब्लाइंड सब्सक्रिप्शन’ मॉडल का यूज करते हैं. इसका मतलब यूजर को ऐप यूज करने के लिए कितना सब्‍सक्रिप्‍शन अमाउंट देना होगा, इसकी डीटेल नहीं देते हैं.

रिसर्चर जगदीश चंद्राइह ने एक ब्‍लॉग पोस्‍ट में लिखा है, ‘गूगल के अनुसार, ऐसे ऐप पर ऑफर फ्री ट्रायल पर जोर देता है, और यूजर यह नहीं समझ पाते कि ट्रायल खत्‍म होने के अंत में उनसे अपने आप (ऑटोमैटिक) चार्ज ले लिया जाएगा. पब्लिशर्स को अब ऐसा करने की अनुमति नहीं है, लेकिन कुछ अभी भी कोशिश करते हैं.’

स्‍पैम सब्‍सक्रिप्‍शन मॉडल
ब्‍लाइंड सब्‍सक्रिप्‍शन के अलावा कुछ ऐप्‍स ‘स्‍पैम सब्‍सक्रिप्‍शन’ मॉडल का भी यूज करते हैं. इस मॉडल में एक साथ कई ऐप के सब्‍सक्रिप्‍शन दे दिए जाते हैं. ‘स्‍पैम सब्‍सक्रिप्‍शन’ मॉडल में जब यूजर साइन अप करता है, तो उसे सब्‍सक्राइब किए गए ऐप के अलाव कई अन्य ऐप्‍स का सब्‍सक्रिप्‍शन भी दे दिया जाता है. चंद्राइहा ने कहा कि यूजर्स कभी-कभी अनजाने में ऐसे ऐप सब्‍सक्राइब कर लेते हैं और उनके सैकड़ों डॉलर खर्च हो जाते हैं.

23 ऐप्स की लिस्ट
Sophos ने सभी 23 नए फ्लीसवेयर ऐप्स की लिस्ट जारी की है. साथ ही जो यूजर्स इन ऐप को यूज कर रहे हैं, उन्‍हें इन ऐप्‍स को तुरंत मोबाइल से हटाने की सलाह दी गई है। नीचे देखें पूरी लिस्‍ट:

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सोर्स @ sophos.com