चीन की दूरसंचार उपकरण विनिर्माता हुवावे इंडिया के मुख्य कार्यकारी जे चेन ने कहा है कि 5G नेटवर्क पिछले नेटवर्कों की तुलना में कहीं अधिक सुरक्षित है। यहां ‘द इकनॉमिस्ट इंडिया’ सम्मेलन को संबोधित करते हुए चेन ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनकी कंपनी ने अपनी तीन दशक की उपस्थिति में कभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन नहीं किया है। चेन ने कहा कि हुवावेई एकमात्र वेंडर है जो ‘पिछले दरवाजे की शंका को लेकर करार करना चाहती है। इसके जरिये वह यह प्रतिबद्धता जताना चाहती है कि किसी भी इकाई की पिछले दरवाजे से आंकड़ों तक पहुंच नहीं होगी।

दुनियाभर में 5G नेटवर्क को शुरू करने के लिए तैयारियां चल रही हैं। ऐसे में हुवावे के नेटवर्क उपकरणों की वजह से चीन की कंपनियों द्वारा प्रयोगकर्ताओं के आंकड़ों के इस्तेमाल की संभावना को लेकर लोग चिंता जता रहे हैं। चेन ने जोर देकर कहा, ‘‘अपनी संरचना की वजह से 5जी नेटवर्क पिछले नेटवर्कों की तुलना में अधिक सुरक्षित है। सिर्फ क्वॉन्टम कंप्यूटर इस सुरक्षा को भेद सकता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘कई लोग पिछले दरवाजे को लेकर चिंता जता रहे हैं। आज तक हमें ऐसा एक भी प्रमाण नहीं दिया गया है कि हां, हुवावेई को लेकर कुछ है। हम एकमात्र कंपनी है जो पिछले दरवाजे की चिंता को लेकर करार पर दस्तखत को तैयार है। सरकारों के साथ पिछले दरवाजे या बैकडोर करार वैश्विक प्रतिबद्धता है।’’ भारत 5G नेटवर्क शुरू करने की तैयारी कर रहा है। अभी तक भारत ने इस बात पर फैसला नहीं किया है कि हुवावे को 5G नेटवर्क में वेंडर के रूप में अनुमति दी जाएगी या नहीं। हालांकि देश की तीसरी सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल ने चीन की कंपनी का समर्थन किया है।

विशेषज्ञों की राय है कि 5G से दूरसंचार क्षेत्र में काफी बदलाव आएगा और यह डेटा और वॉयस से आगे निकल जाएगा। ऊंचे बैंडविद्थ से काफी बड़ी चीजें संभव हो पाएंगी। ऐसे में मूल्यवान डेटा के दुरुपयोग को लेकर चिंता पैदा हुई है। चेन ने कहा कि चीन ने राजधानी बीजिंग के नए हवाई अड्डे पर 5जी सेवा शुरू की है। सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर चिंता के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी की संभावनाओं और ऐसी चिंताओं के बीच संतुलन बैठाने की जरूरत है।