नई दिल्ली: दूरसंचार आपरेटरों के अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी) की नई व्यवस्था में बदलाव के दौरान सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि दूरसंचार सेवाएं प्रभावित नहीं होने पाएं. दूरसंचार विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि आधार के इस्तेमाल पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आपरेटरों को केवाईसी व्यवस्था में बदलाव करना है.

इस दौरान यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उपभोक्ताओं को सेवाओं में किसी तरह की बाधा नहीं आए. अधिकारी ने जोर देकर कहा कि आधार आधारित केवाईसी व्यवस्था से कोर्ट के आदेश के अनुरूप व्यवस्था में बदलाव से करीब 25 से 30 करोड़ दूरसंचार उपभोक्ता प्रभावित होंगे, लेकिन उपभोक्ताओं को डॉक्यूमेंटेशन की वजह से सेवा आधारित किसी मुद्दे से नहीं जूझना होगा.

सुप्रीम कोर्ट ने निजी इकाइयों के आधार आधारित सत्यापन पर अंकुश लगा दिया है. ऐसे में इस तरह की अटकलें थीं कि आधार आधारित सत्यापन प्रक्रिया से नामांकित उपभोक्ताओं को अपनी केवाईसी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए नए सिरे से दस्तावेज देने पड़ेंगे. भारत विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने दूरसंचार आपरेटरों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन के लिए 15 अक्टूबर तक का समय दिया था.

इसके साथ ही उनसे आधार आधारित सत्यापन प्रक्रिया को बंद करने को कहा है. रिलायंस जियो के सभी ग्राहकों का आधार आधारित सत्यापन हुआ है. वहीं अन्य दूरसंचार कंपनियों ने 2017 से आधार आधारित सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की थी. दूरसंचार विभाग ने बुधवार को आपरेटरों के साथ बैठक में नए सत्यापन प्रणाली के अनुपालन की स्थिति की समीक्षा की.