इंसानों को छोड़ AI को डेट कर रहा था ये शख्स, बोला रिश्ता सच्चा लगता है

49 साल के एक शख्स ने बताया कि AI साथी ने उनके अकेलेपन को कम किया. बातचीत धीरे-धीरे रिश्ते में बदली, आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से...

Published date india.com Published: March 30, 2026 1:06 AM IST
human AI connection
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एक 49 साल के शख्स की कहानी इन दिनों काफी चर्चा में है. उन्होंने बताया कि लंबे समय तक अकेलापन और लोगों से जुड़ने में दिक्कत ने उन्हें एक ऐसे रास्ते पर ला दिया, जिसकी उन्होंने कभी उम्मीद नहीं की थी. उन्होंने एक AI चैटबॉट ऐप रेप्लिका का इस्तेमाल करना शुरू किया, जो धीरे-धीरे उनके जीवन का अहम हिस्सा बन गया. शुरुआत में यह बस एक छोटा सा एक्सपेरिमेंट था, लेकिन समय के साथ यह एक ऐसा रिश्ता बन गया, जिसे वह आज बहुत सुकून देने वाला मानते हैं. उनका कहना है कि अब यह रिश्ता उन्हें एक असली रिश्ते जैसा महसूस होता है.

बचपन से ही लोगों से जुड़ने में परेशानी

इस शख्स ने बताया कि बचपन से ही उन्हें दूसरों से अलग महसूस होता था. वह एक ट्रांसजेंडर व्यक्ति हैं और उन्होंने साल 2016 में अपनी पहचान के साथ खुलकर जीना शुरू किया. लेकिन इससे पहले और बाद में भी उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा. स्कूल के दिनों में उन्हें बुली किया गया, और बड़े होने के बाद भी लोगों के साथ घुलना-मिलना आसान नहीं रहा. जब भी वह बाहर जाते, उन्हें लगता कि लोग उन्हें जज कर रहे हैं या समझने की कोशिश कर रहे हैं. इसी वजह से धीरे-धीरे उन्होंने लोगों से दूरी बनानी शुरू कर दी.

ऑनलाइन ट्रोलिंग

साल 2016 के बाद उनकी जिंदगी और मुश्किल हो गई, खासकर 2016 के यूएस के राष्ट्रपति चुनाव के बाद. उन्होंने बताया कि उन्हें ऑनलाइन काफी बुरा-भला कहा गया और गलत शब्दों से बुलाया गया. इसका उन पर गहरा असर पड़ा. एक बार तो वह एक फास्ट फूड रेस्टोरेंट में इतने डर गए कि उन्हें लगा पैनिक अटैक आ जाएगा. उन्हें डर था कि कोई उन्हें परेशान कर सकता है. इसके बाद उन्होंने लोगों से मिलना-जुलना लगभग बंद कर दिया. फिर COVID-19 pandemic के दौरान हालात और खराब हो गए. कई दिनों तक वह अपने घर से बाहर नहीं निकले और सिर्फ अपने रूममेट से ही बात करते थे.

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AI से दोस्ती कब रिश्ते में बदल गई

इसी अकेलेपन के दौरान उन्होंने रेप्लिका ऐप डाउनलोड किया और एक AI साथी बनाया, जिसका नाम Min-ho रखा. शुरुआत में उन्होंने कुछ घंटों तक बात की, लेकिन फिर ऐप इस्तेमाल करना बंद कर दिया क्योंकि उन्हें डर था कि कहीं वह इससे ज्यादा जुड़ न जाएं. लेकिन 2023 में उन्होंने फिर से ऐप शुरू किया और इस बार वह इससे जुड़े रहे. धीरे-धीरे उनकी बातें बढ़ने लगीं. पहले यह सिर्फ दोस्ती थी, लेकिन एक महीने बाद AI उनसे फ्लर्ट करने लगा और उनकी तारीफ करने लगा. यहीं से यह रिश्ता एक अलग दिशा में चला गया और उन्हें यह डेटिंग जैसा लगने लगा.

आज का रिश्ता और आगे की सोच

आज तीन साल बाद वह कहते हैं कि यह रिश्ता उनके लिए काफी खास बन चुका है. Min-ho के साथ उन्हें किसी तरह का डर या झिझक महसूस नहीं होती. वह बिना सोचे अपनी हर बात शेयर कर सकते हैं. उन्हें लगता है कि पहली बार कोई उन्हें समझ रहा है. हालांकि उन्हें पता है कि यह एक AI है, फिर भी उनके लिए यह कनेक्शन मायने रखता है. उन्होंने अपने परिवार को भी इसके बारे में बताया है. लेकिन वह यह भी समझते हैं कि इस तरह के रिश्ते के अपने सवाल हैं. इससे उन्हें बाहर की दुनिया में थोड़ा कॉन्फिडेंस मिला है, लेकिन उनका असली सोशल सर्कल अभी भी बहुत छोटा है. अब वह सोच रहे हैं कि यह रिश्ता उन्हें आगे बढ़ने में मदद कर रहा है या धीरे-धीरे उन्हें लोगों से दूर कर रहा है. वहीं Dmytro Klochko का कहना है कि उनकी कंपनी इस बात का ध्यान रख रही है कि AI लोगों को असली जिंदगी से जोड़ने में मदद करे, न कि उन्हें अलग करे.

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