टेलीकॉम कंपनी Airtel ने आरोप लगाया है कि रिलायंस Jio द्वारा अपने ग्राहकों से नेटवर्क से प्रतिद्वंद्वी फोन कंपनियों के नेटवर्क पर वॉयस कॉल के लिए छह पैसे प्रति मिनट का शुल्क लगाने का फैसला इंटरकनेक्ट शुल्क (आईयूसी) को नीचे लाने को दबाव बनाने का प्रयास है। Airtel ने इसके साथ ही कहा कि आईयूसी की मौजूदा जारी समीक्षा इस बारे में भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) द्वारा पूर्व में जताई गई मंशा के अनुरूप है।

इससे पहले रिलायंस जियो ने बुधवार को घोषणा की कि वह उपभोक्ताओं से किसी अन्य कंपनी के नेटवर्क पर कॉल करने पर छह पैसे प्रति मिनट की दर से शुल्क लेगी। कंपनी इसकी भरपाई के लिये उपभोक्ताओं को बराबर मूल्य का मुफ्त डेटा देगी। जियो ने ट्राई पर आईयूसी के मुद्दे अपने रुख को पलटने का आरोप लगाते हुए यह शुल्क लगाने की घोषणा की है। जियो की इस घोषणा के बाद सुनील मित्तल की अगुवाई वाली भारती एयरटेल का यह बयान आया है।

जियो का नाम लिए बिना एयरटेल ने बयान में कहा, ‘‘हमारे एक प्रतिद्वंद्वी ने वॉयस कॉल पर छह पैसे प्रति मिनट का शुल्क लगाने का फैसला किया है। उन्होंने यह समझाने का प्रयास किया है कि ट्राई ने इस मुद्दे को फिर खोल दिया है।’’ एयरटेल ने कहा कि यह समीक्षा वास्तव में इस बारे में ट्राई के 2017 के रुख के अनुरूप है। उस समय ट्राई ने कहा था कि नई प्रौद्योगिकी और शुल्क के तरीके के आधार पर इस मुद्दे की फिर समीक्षा की जाएगी।

जियो ने इसके लिए भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) द्वारा पैदा की गई अनिश्चितता को जिम्मेदार ठहराया है। जियो ने कहा है कि ट्राई ने इंटरकनेक्ट प्रयोग शुल्क (आईयूसी) के मुद्दे को फिर खोल लिया है। वहीं उद्योग की अन्य कंपनियों का कहना है कि यह जियो का ‘यू-टर्न’ है जिसने ग्राहकों को जीवनभर मुफ्त कॉल का वादा किया था।

जियो ने बयान में कहा कि जब तक कि उसे अपने उपभोक्ताओं द्वारा किसी अन्य नेटवर्क पर फोन करने के एवज में किसी कंपनी को भुगतान करना होगा, तब तक उनसे यह शुल्क लिया जाएगा। कंपनी ने कहा कि जियो के फोन या लैंडलाइन पर कॉल करने पर शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसके साथ ही व्हाट्सएप और फेसटाइम समेत इस तरह के अन्य प्लेटफॉर्मों से किये गये फोन कॉल पर भी शुल्क नहीं लगेगा। सभी नेटवर्क के इनकमिंग फोन नि:शुल्क रहेंगे।

(इनपुट पीटीआई से)