अमेरिका की दिग्गज कंपनी Apple ने भारत में 99 रुपये प्रति माह पर एप्पल टीवी प्लस सब्सक्रिप्शन की घोषणा के साथ सभी ओवर-द-टॉप (ओटीटी) प्लेयर को चिंता में डाल दिया है। हालांकि जब तक कंपनी देश के इकोसिस्टम के हिसाब से खुद को मजबूत नहीं कर लेती तब तक इससे सही माइनों में असल खिलाड़ी जैसे नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम और यहां तक कि घरेलू स्ट्रीमिंग सर्विस को भी कोई नुकसान नहीं होगा। भारत में अमेजन प्राइम जहां 129 रुपये प्रति माह के सब्सक्रिप्शन रेट पर मिल रहा है, वहीं इसकी एनुअल फीस 999 रुपये है। वहीं नेटफ्लिक्स ने भी मोबाइल के लिए एक स्पेशल प्लान लॉन्च किया है जो प्रति महीने 199 रुपये का है। अभी तक भारत में नेटफ्लिक्स के प्राइस ही सबसे ज्यादा है, लेकिन इस ओटीटी के साथ सबसे ज्यादा कंटेंट है।

वर्तमान में एप्पल टीवी प्लस, नौ ओरिजनल कन्टेंट स्ट्रीमिंग प्रदान करता है, जो कि दुनिया के सबसे प्रसिद्ध क्रिएटिव आर्टिस्ट में से हैं। यह एक नवंबर को एप्पल टीवी एप पर डेब्यू करेंगे।

अपने खुद के डिवाइस आईफोन, आईपैड और मैक के अलावा एप्पल टीवी प्लस स्ट्रीमिंग को एप्पल टीवी एप के माध्यम से कुछ चुनिंदा डिवाइस में भी देखा जा सकेगा, जिसमें सैमसंग स्मार्ट टीवी और अमेजन फायर टीवी, एलजी और सोनी प्लेटफॉर्म्स शामिल हैं। भारतीयों के घरों में जाने के लिए और अपनी छाप छोड़ने के लिए कंपनी को चाहिए कि वह अधिक संख्या में अपने डिवाइस बेचे और अधिक संख्या में देशी कन्टेंट तैयार करे।

भारत में जो लोग इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं, उनकी संख्या में तेजी से वृद्धि देखने को मिली है। 2016 में जहां 20 करोड़ 34 लाख लोग इंटरनेट का इस्तेमाल करते थे वहीं उम्मीद की जा रही हैं कि 2021 में यह आंकड़ा 50 करोड़ 36 लाख तक हो जाएगा। केपीएमजी की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में इंटरनेट यूज करने वाले प्रत्येक नए 10 व्यक्ति में से नौ, भारतीय भाषाओं में कार्यक्रम देखना और सुनना पसंद करते हैं।

इनपुट:IANS