नई दिल्ली: देश में लॉकडाउन व कोरोना वायरस के मद्देनजर आरोग्य सेतु ऐप (Arogya Setu App) को लॉन्च किया गया. देखते ही देखते यह ऐप दुनियाभर में चर्चा का केंद्र बन गया. रेलवे से यात्रा करने वालों को भी निर्देश दिए गए हैं, कि उनके फोन में आरोग्य सेतु ऐप का होना अनिवार्य है. इस बीच सरकार की तरफ से आरोग्य सेतु ऐप को लेकर दिशानिर्देश जारी किया गया है. सोमवार को जारी दिशानिर्देश में कहा गया है कि आरोग्य सेतु ऐप में जानकारियों के के प्रसंस्करण पर नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ सजा का प्रावधान किया गया है. नियमों के उल्लघन करने वालों को कारावास की सजा भी दी जा सकती है.Also Read - Constitution Day 2021: 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास' संविधान की भावना की सशक्त अभिव्यक्ति- PM मोदी

दिशानिर्देशों में बताया गया है कि नए नियमों के आधार पर 180 दिनों से अधिक दिनों तक के डाटा के भंडारण पर रोक लगा दी गई है. साथ ही आरोग्य सेतु ऐप के उपभोक्ता अगर चाहें तो अपना डाटा मिटा मिटा भी सकते हैं. इसके लिए उन्हें आरोग्य सेतु ऐप के तहत ही अनुरोध करना होगा, जिसके 30 दिनों के भीतर ही आपके मामले पर अमल किया जाएगा. Also Read - Constitution Day: संसद और सुप्रीम कोर्ट सहित कई समारोहों में शामिल होंगे पीएम मोदी

नए नियमों के हिसाब से केवल उन लोगों का डाटा ही सुरक्षित रखा जा सकता है जो कोरोना वायरस से संक्रमित, स्व मूल्यांकन और जनसाख्यिकीय हैं. साथ ही उन लोगों के डाटा को भी सुरक्षित रखा जा सकता है जो लोग किसी कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए हुए हैं. सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव अजय प्रकाश साहनी ने कहा कि डाटा की गोपनियता को सुनिश्चित करने के लिए एस ऐप पर काफी काम किया गया है. इस कारण किसी के डाटा का दुरुपयोग नहीं किया जा सकेगा. इस दौरान उन्होंने कहा कि कोरोना की जांच कराने वाले व्यक्ति का डाटा 45 दिनों, गैर संक्रमितों का डाटा 30 दिन व कोरोना संक्रमण का इलाज करवाने वालों का डाटा 60 दिन में हटा दिया जाता है. Also Read - Rajasthan: BJP की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक अगले माह, अमित शाह भी होंगे शामिल

बता दें कि आरोग्य सेतु ऐप को अब तक लगभग 10 करोड़ लोग डाउनलोड कर चुके हैं. इस ऐप के माध्यम से प्रशासन व सरकारी तंत्र आपको ट्रेस कर सकता है कि क्या आप किसी कोरोना संक्रमित के संपर्क में आए हैं या फिर इसके तहत आप डिजीटल रूप से अपना कोरोना संक्रमण को लेकर जांच करा सकते हैं. बता दें कि आरोग्य सेतु ऐप के डाटा सिर्फ रिसर्च उद्देश्यों के लिए विश्वविद्यालयों के साथ साझा किया जा सकता है. हालांकि इस दौरान भी इस ऐप के इस्तेमाल करने वाले लोगों के पहचान को मिटा दिया जाएगा. इस नियम का उल्लंघन करने पर आपदा प्रबंधन नियम 2005 के तहत उल्लंघनकर्ता के खिलाफ कानूनी प्रावधान लागू हो सकता है. इस प्रावधान में जुर्माने से लेकर जेल जाने तक की सजा है.