Chandrayaan 2 से जुड़ी एक नई खबर सामने आई है जिससे इस मिशन की सफलता को लेकर एक बार फिर उम्मीद जग उठी है। दरअसल जब चंद्रमा के करीब Chandrayaan 2 मून लैंडर विक्रम से इसरो का कम्युनिकेशन टूटा था तो ऐसा लगा था कि यह मिशन फेल हो गया है। एक नई रिपोर्ट में पता चला है किविक्रम चंद्रमा की सतह पर ठीक-ठाक है और उसे ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा है। हालांकि इसके पहले  इसरो (ISRO) के चेयरमैन के सिवन ने जानकारी दी थी कि चंद्रमा की सतह पर विक्रम लैंडर (Vikram Lander) का पता चल गया है।
उन्होंने बताया था कि Orbiter ने विक्रम लैंडर (Vikram Lander) की एक थर्मल इमेज क्लिक भी की है जिसे शेयर किया गया है। इमेज से पता चला है कि चंद्रमा की सतह पर हार्ड लैंडिंग के बावजूद चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम में कोई टूट-फूट नहीं हुई है। हालांकि अभी तक विक्रम से किसी भी तरह का कम्युनिकेशन स्थापित नहीं किया जा सका है। सिवन ने कहा कि हम निरंतर मून लैंडर विक्रम से कम्युनिकेशन स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं।

इसके अलावा  इसरो चीफ के सिवन ने कहा है कि लैंडर विक्रम के मिलने की अब भी संभावना है। उन्होंने कहा ऑर्बिटर की उम्र साढ़े 7 सालों से ज्यादा है, जबकि इससे पहले इसकी उम्र 1 साल बताई जा रही थी। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही इससे कम्युनिकेशन स्थापित हो जाएगा। सिवन ने कहा है कि ऑर्बिटर ने विक्रम लैंडर की  थर्मल इमेज जो क्लिक की है उससे अभी तक यह पता नहीं चल पाया है
कि विक्रम चांद की किस सतह पर है। उन्होंने कहा कि हमारी टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि किन वजहों से विक्रम का कम्युनिकेशन हम से टूट गया।

जब विक्रम से इसरो का कम्युनिकेशन टूटा था तो सभी भारतीय लोगों के लिए यह निराशा की बात थी, लेकिन अब एक बार फिर एक उम्मीद जगी है। इससे पहले मालूम हो कि भारत के चंद्रयान-2 मिशन को उस समय झटका लगा था जब चंद्रमा की सतह से महज 2.1 किलोमीटर दूर इसका कम्युनिकेशन इसरो से टूट गया था।