ISRO (Indian Space Research Organisation) ने Chandrayaan-2 के ऑर्बिटर से खींची गई चंद्रमा की तस्वीरों को जारी किया है। दरअसल यह इमेज orbiter High Resolution Camera (OHRC) के जरिए ली गई हैं जिसमें चंद्रमा की आकर्षक सतह की तस्वीरों को देखा जा सकता है। OHRC ने चांद की बहुत ही हाई स्पेटिकल रिजॉल्यूशन वाली इमेज को कैप्चर किया है। OHRC द्वारा क्लिक की गई हाई रिजॉल्यूशन की इमेजों को 5 सितंबर को 100 किमी की ऊंचाई से कैप्चर किया गया है। इन इमेजों ने बोगुस्लावस्की ई क्रेटर के एक हिस्से को कवर किया है।

आपको याद दिला दें कि ऑर्बिटर ने ही इसरो को विक्रम लैंडर की लोकेशन की जानकारी दी थी, जब इसरो का कनेक्शन विक्रम लैंडर से टूट गया था। इसके बाद इसरो लैंडर विक्रम से कनेक्शन बनाने में नाकामयाब रहा था। यह ऑर्बिटर अगले 7.5 वर्षों तक चांद के चक्कर लगाता रहेगा।

इससे पहले भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष के.सिवन ने शनिवार को कहा कि Chandrayaan 2 मिशन अपने उद्देश्यों में 98 प्रतिशत सफल रहा है। इसरो हालांकि अभी तक लैंडर ‘विक्रम’ से संपर्क स्थापित नहीं कर पाया। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) विक्रम लैंडर के असफल होने के कारणों की जांच भी करेगा।

स्पेस एजेंसी ISRO अब इस बात का पता लगाने का प्रयत्न करेगी कि ऐसा क्या गलत हुआ और क्या ऐसा मान लिया गया था कि चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव की सतह पर भेजा गया Chandrayaan 2 मिशन का लैंडर वहां उतर नहीं सका। इससे पहले, 7 सितंबर को विक्रम लैंडर को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव की सतह पर सॉफ्ट लैंडिग करनी थी। इससे पहले की वह यह कर पाता उसने नियंत्रण खो दिया और वहां उसने क्रैश लैंडिग की।