सैन फ्रांसिस्को: अगर आप भी क्रोम पर अपनी गोपनीय जानकारियां जैसे डेबिट-क्रेडिट कार्ड के पासवर्ड या कोई जरूरी टेक्स्ट मैसेज सेव करते हैं तो ये खबर आपके काम की है. ऐसा करने से आपका i-phone भी बड़ी आसानी से हैकिंग का शिकार हो सकता है. वैश्विक साइबर सिक्योरिटी कंपनी पालो आल्टो ने एक ऐसे मेलवेयर की खोज की है जो गूगल क्रोम में सेव किए गए यूजरनेम और पासवर्ड्स, क्रोम में सेव की गई क्रेडिट कार्ड जानकारियां और मैक में बैकअप लेने पर आईफोन्स के टैक्स्ट मैसेज भी हैक कर सकता है.


आईफोन्स के टैक्स्ट मैसेज चुरा लेगा ये मेलवेयर
पालो आल्टो नेटवर्क्‍स के एक अंग यूनिट 42 ने कहा कि कुकीमाइनर नाम का मेलवेयर मेनस्ट्रीम क्रिप्टोकरंसी एक्सचेंजेस के साथ जुड़ीं ब्राउजर कुकीज और शिकार द्वारा विजिट की गईं वैलट सर्विस वेबसाइट्स को चुराने में सक्षम है. यह क्रोम में सेव पासवर्ड्स और मैक पर आईट्यून्स बैकअप्स लेने से आईफोन्स के टैक्स्ट मैसेज चुराता है. अध्ययनकर्ताओं ने बताया कि इसी प्रकार के पिछले हमलों के आधार पर, चोरी की गई लॉग-इन जानकारी, वेब कुकीज और एसएमएस डाटा के संयोजन का लाभ उठाकर, हम मानते हैं कि बुरे कारक इन साइटों के लिए बहु-कारकीय प्रमाणीकरण का मार्ग बदल सकते हैं.

‘Google Plus’ हो रहा है बंद, ऐसे सेव करें Data नहीं तो हो जाएगा डिलीट

हैकिंग करने वाले हमलावर अगर सफल होते हैं तो वे शिकार किए गए व्यक्ति के एक्सचेंज खाते और वैलट पर पूरा नियंत्रण कर लेते हैं और उसके डेबिट-क्रेडिट कार्ड में उपलब्ध फंड का उपयोग करने के अधिकारी हो जाते हैं क्योंकि वे खुद यूजर बन चुके होते हैं. मेलवेयर सिस्टम पर कॉइनमाइनिंग सॉफ्टवेयर लोड करने के लिए सिस्टम को कनफिगर भी करता है. वेब कुकीज का प्रमाणीकरण में व्यापक उपयोग होता है. कोई यूजर जब किसी वेबसाइट में लॉग-इन करता है तो लॉग-इन स्टेटस जानने के लिए उसकी कुकीज वेब सर्वर के लिए स्टोर हो जाती है इसलिए आप जब भी किसी ऐसे ब्राउजर का प्रयोग तो अपनी व्यक्तिगत जानकारियां या महत्वपूर्ण सूचनाएं शेयर करने से बचें उसके लिए हमेशा सुरक्षित विंडो का प्रयोग करें. (एजेंसी इनपुट)

सैमसंग ने स्मार्टफोन के लिए दुनिया का पहला 1 टीबी चिप तैयार किया