नई दिल्ली: सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल ने 4जी दूरसंचार नेटवर्क उन्नत बनाने को लेकर जारी करोड़ों रुपये की निविदा रद्द कर दी. सरकार ने कंपनी को किसी भी चीनी उपकरण का उपयोग नहीं करने को कहा है, जिसके बाद निविदा रद्द की गई है. Also Read - Russia Vaccine Update: रूस ने बना ली कोरोना की वैक्सीन, क्या भारत भी करेगा इस्तेमाल, जानें एम्स की राय

यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब भारत-चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर हाल में हिंसक झड़प के बाद चीनी वस्तुओं और सेवाओं के बहिष्कार की मांग जोर पकड़ रही है. भारत संचार निगम लि. (बीएसएनएल) ने 4जी निविदा रद्द करने को लेकर बुधवार को नोटिस जारी किया. इस बारे में और जानकारी के लिए बीएसएनएल के चेयरमैन के साथ संपर्क नहीं हो सका. बीएसएनएन के नोटिस के अनुसार ‘‘23 मार्च 2020 को जारी निविदा रद्द की जाती है…..’’ Also Read - रूस में कोरोना की वैक्सीन ‘Sputnik V’ बनकर तैयार, भारत सहित 20 देशों ने दिया 100 करोड़ डोज का ऑर्डर

यह निविदा 4जी मोबाइल नेटवर्क की योजना, इंजीनियिरंग, आपूर्ति, उसे लगाने, परीक्षण, चालू करने और सालाना रखरखाव से जुड़ी थी. इस नेटवर्क को बीएसएनएल के उत्तरी, पूर्वी और दक्षिणी क्षेत्रों तथा एमटीएनएल के दिल्ली और मुंबई सेवा क्षेत्रों में पूरी तरह से मुकम्मल कर लगाया जाना था. Also Read - नेपाल ने भारतीय नागरिकों के लिए प्रवेश स्थल 20 से घटाकर किए आधे, उड़ानों पर रोक भी बढ़ाई

इसमें कहा गया है कि उचित प्राधिकरण से मंजूरी के बाद निविदा को रद्द किया गया है. सूत्रों ने जानकारी दी कि सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की बीएसएनएल से 4जी उन्नयन के लिए चीनी उपकरणों का इस्तेमाल नहीं करने के लिए कहा था. इस निर्देश के पालन करने का सीधा मतलब है कि कंपनी को नयी निविदा जारी करनी पड़ेगी. सूत्रों के अनुसार नई निविदा जारी की जाएगी जिसमें मेक इन इंडिया पर जोर होगा. उल्लेखनीय है कि करीब एक पखवाड़े पहले दूरसंचार विभाग ने बीएसएनएल और एमटीएनएल से चीनी दूरसंचार उपकरणों का 4जी उन्न्यन योजना में उपयोग करने से मना किया था.