Digital Payments in India : देश में डिजिटल भुगतान 12.7 फीसदी की सीएजीआर (चक्रवृद्धि सालाना वृद्धि दर) की रफ्तार से बढ़ रहा है। वैश्विक सलाहकार केपीएमजी ने गुरुवार को यह बातें कही।  केपीएमजी की रिपोर्ट में कहा गया कि भारत में मोबाइल भुगतान क्रांति के कारण वित्त वर्ष 2016-17 में कुल 15 लाख डिजिटल भुगतान स्वीकृति स्थानों के साथ डिजिटल भुगतान (Digital Payments in India) को अपनाने वाले व्यापारियों की संख्या में तेज उछाल आया है।

इसके अलावा डिजिटल भुगतान स्वीकार करने वाले व्यापारियों की संख्या में दो से तीन सालों की अल्प अवधि में ही 1 करोड़ से ज्यादा की वृद्धि हुई है।  ‘फिनटेक इन इंडिया – पॉवरिंग मोबाइल पेमेंट्स’ रिपोर्ट में कहा गया, “भारत में परिवर्तनकारी भूमिका निभाने और मोबाइल भुगतान के लोकतांत्रिकरण में वॉलेट कंपनियों ने प्रमुख भूमिका निभाई है। भुगतान में आसानी, सर्वव्यापकता और सुविधा जैसे कारणों के कारण वॉलेट्स को व्यापक स्तर पर अपनाया गया।”

रिपोर्ट में कहा गया, वित्त वर्ष 2019-23 के दौरान मोबाइल वॉलेट बाजार का लगातार विस्तार करीब 52.2 फीसदी की सीएजीआर दर से होने का अनुमान है। एक और कारक जिसने मोबाइल भुगतान की अगली लहर का नेतृत्व किया है, वह है यूनीफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) आधारित रियल टाइम भुगतान। वित्त वर्ष 2016-17 से 2018-19 के बीच यूपीआई लेन-देन की सीएजीआर 246 फीसदी रही।

भारतीय रिजर्व बैंक ने अपने ‘2021 विजन डाक्यूमेंट’ में मोबाइल आधारित भुगतान में 50 फीसदी बढ़ोतरी का अनुमान लगाया है। भारत में WhatsApp भी अपने डिजिटल पेमेंट सर्विस को लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। माना जा रहा है व्हट्सऐप के डिजिटल पेमेंट सर्विस लॉन्च होने के साथ भारत में डिजिटल पेमेंट सर्विस में तेजी देखने को मिल सकती है।

(इनपुट आईएएनएस हिंदी से)

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