
Satyam Kumar
सत्यम, बिहार से हैं. उन्होंने LS College, मुजफ्फरपुर, बिहार से जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. जामिया मिल्लिया इस्लामिया से MA In Media Governance में मास्टर्स किया है. मास्टर्स के साथ ... और पढ़ें
Elon Musk Terafeb Project: एलन मस्क ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उनकी सोच दुनिया से कोसों आगे है. एआई और रोबोटिक्स की दुनिया में अपनी धाक जमाने के लिए अब मस्क खुद के AI चिप्स बनाने जा रहे हैं. इसके लिए उन्होंने टेराफैब (Terafab) नाम का एक ऐसा प्लान तैयार किया है, जो दुनिया के बड़े-बड़े टेक दिग्गजों की नींद उड़ा सकता है. 20 बिलियन डॉलर की लागत वाली टैराफैब (Terafab) प्रोजेक्ट दुनिया की सबसे एडवांस 2 नैनोमीटर वाली एआई चिप्स बनाएगी.
एलन मस्क की तीन दिग्गज कंपनियां, Tesla, SpaceX और xAI ने मिलकर टेराफैब (Terafab) नाम का एक मेगा प्रोजेक्ट शुरू किया है. ऑस्टिन, टेक्सस में बनने वाली ये एआई फैक्ट्री दुनिया की सबसे बड़ी एंड-टू-एंड चिप डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी होगी. इसके लिए एलन मस्क का गोल 1 टेरावाट की कंप्यूटिंग पावर हासिल करना है, जो वर्तमान के बड़े मैन्युफैक्चरर्स जैसे TSMC और सैमसंग से कहीं ज्यादा है. यह फैक्ट्री मस्क के एआई और रोबोटिक्स के बड़े सपनों को फ्यूल देने के लिए बनाई जा रही है.
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इस फैक्ट्री को बनाने में करीब 20 बिलियन डॉलर से ज्यादा का भारी-भरकम खर्च आने की उम्मीद है. मस्क का दावा है कि यहां चिप डिजाइन, फैब्रिकेशन, टेस्टिंग और पैकेजिंग सब कुछ एक ही छत के नीचे होगा, जो कि इंडस्ट्री में पहली बार होने जा रहा है. यहां 2-नैनोमीटर (2-nm) टेक्नोलॉजी वाले बेहद एडवांस चिप्स तैयार किए जाएंगे. एलन मस्क का लक्ष्य हर साल अरबों की संख्या में हाई-एंड एआई चिप्स का प्रोडक्शन करना है.
ये फैक्ट्री मुख्य रूप से दो तरह के खास चिप्स बनाएगी. पहले प्रकार के चिप्स टेस्ला की सेल्फ-ड्राइविंग कारों, रोबोटैक्सिस और ऑप्टिमस ह्यूमनॉइड रोबोट्स के दिमाग के तौर पर काम करेंगे. वहीं, दूसरे टाइप के चिप्स को खास तौर पर अंतरिक्ष (Space) के कठिन माहौल के लिए डिजाइन किया जाएगा. इनका इस्तेमाल ऑर्बिटल डेटा सेंटर्स और सैटेलाइट्स में किया जाएगा, जिससे स्पेस में कंप्यूटिंग पावर को बढ़ाया जा सके और मंगल ग्रह जैसे मिशनों में मदद मिल सके.
मस्क ने पहले भी फुल ऑटोनॉमस टेस्ला और हाइपरलूप जैसे बड़े वादे किए हैं, जो अभी तक पूरी तरह सच नहीं हुए हैं. एक स्टेट-ऑफ-द-आर्ट चिप फैक्ट्री बनाना दुनिया के सबसे मुश्किल कामों में से एक है, जिसमें अरबों डॉलर और सालों का वक्त लगता है. इसके लिए न केवल पैसा, बल्कि बेहद कुशल टीम और कॉम्प्लेक्स इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत होती है. हालांकि मस्क को असंभव को मुमकिन करने के लिए जाना जाता है, लेकिन टेराफैब उनके अब तक के सबसे कठिन मूनशॉट मिशन में से एक है.
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