Facebook पिछले कुछ समय से अपने प्लेटफॉर्म पर नए फीचर्स को पेश कर रहा है। हाल ही में खबर आई थी कि कंपनी अपने प्लेटफॉर्म पर एक नया न्यूज टैब जोड़ने की तैयारी कर रही है, जिसके लिए कुछ न्यूज एजेंसियों से बात भी चल रही है। अब एक लेटेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक, Facebook नए फीचर पर काम कर रहा है। फेसबुक अब यूजर्स की पहचान चेहरे से करेने की तैयारी कर रहा है।

चेहरे की पहचान करेगा फेसबुक

ऐप रिवर्स इंजिनियर Jane Manchun Wong ने ट्वीट कर बताया है कि यूजर्स की प्राइवेसी और सिक्यॉरिटी को पहले से अधिक मजबूत बनाने के लिए फेसबुक फेशियल रेकग्निशन सिस्टम को डिवेलप कर रहा है। इस टेक्नॉलजी के जरिए फेसबुक यूजर्स के चेहरे से उसकी पहचान करेगा और यह पता लगाएगा कि इस्तेमाल किए जाने वाला अकाउंट और उसका मालिक असली है या नकली।

फेक प्रोफाइल पर कसी जाएगी लगाम

इस बात से हम सभी वाकिफ है कि फेसबुक में फेक प्रोफाइलों की सख्यां बढ़ती जा रही है। पिछले लंबे समय से फेसबुक फेक प्रोफाइल्स को अपने प्लेटफॉर्म से हटाने की कोशिश कर रहा है। आए दिन ऐसे कई मामले देखने को मिल जाते हैं, जहां कई लोग दूसरों की डीटेल और फोटो डालकर उस प्रोफाइल को इस्तेमाल करते हैं। Facebook इन फेक प्राफाइलों को ऐल्गोरिद्मिक फिल्टरिंग और यूजर्स द्वारा की गई प्रोफाइल रिपोर्ट के जरिए ब्लॉक करता है। इसके बावजूद फेक प्रोफाइल्स की संख्या में खास कमी नहीं आ रही है। अब कंपनी का मानना है कि इस नई टेक्नोलॉजी से इन फेक प्रोफाइलों पर लगाम कसी जा सकेगी।

मोबाइल ऐप पर करेगा यह फीचर काम

फेक प्रोफाइल वाली समस्या को खत्म करने के लिए फेसबुक अपने मोबाइल ऐप के लिए फेशल रेकग्निशन सिस्टम डिवेलप कर रहा है। यह टेक्नोलॉजी Facebook ऐप में यूजर को चेहरे की हर एंगल से तस्वीर खींचने की रिक्वेस्ट करेगा। इस तरह ऐप उसके चेहरे की पहचान कर लेगा। इससे ऐप पता लगाएगी कि आपके द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला अकाउंट आपका है या किसी और का है। Wong का कहना है कि वह लंबे समय से फेसबुक के हिडन फीचर और कोड्स पर रिसर्च करती आ रही हैं और इसी के जरिए उन्होंंने इस फीचर का पता पता लगाया है।

क्या ये फीचर है आपकी प्राइवेसी के साथ खिलवाड़?

फेसबुक यूजर की पहचान करने के लिए उसके चेहरे का डाटा रिकॉर्ड करेगा। Wong का कहना है कि इस फीचर के रोलआउट होने के बाद फेसबुक यूजर्स से एक उसके चेहरे को हर एंगल से रिकॉर्ड करने की रिक्वेस्ट करेगा। फेसबुक इसके जरिए यूजर को वेरिफाइ करेगा की वह उस अकाउंट का सही यूजर है या फेक। वॉन्ग ने बताया कि यह प्रोसेस काफी हद तक Apple के Face ID से मिलता है। हालांकि, इसमें यूजर्स की सिक्यॉरिटी की पूरी गारंटी नहीं दी जा सकती, क्योंकि स्कैन किया हुआ सारा डेटा फेसबुक के सर्वर पर जाएगा। इससे पहले भी फेसबुक कई बार डाटा बेचने की सुर्खियां बटोर चुका है।