Google आज 9 नवंबर 2019 को बर्लिन दीवार (Berlin Wall) गिरने की 30वीं एनिवर्सरी को सेलिब्रेट कर रहा है। गूगल अक्सर किसी न किसी खास दिन को अपने Doodle के जरिए सेलिब्रेट करता रहता है। आज Google ने अपने Doodle को बर्लिन दीवार गिरने के ऊपर बनाया है। आपको बता दें कि बर्लिन की दीवार (जर्मन: Berliner Mauer बर्लीनर माउअर) पश्चिमी बर्लिन और जर्मन लोकतांत्रिक गणराज्य के बीच एक अवरोध थी जिसने 28 साल तक बर्लिन शहर को पूर्वी और पश्चिमी टुकड़ों में विभाजित करके रखा।
शांति तरीके से समाप्त हुए इस आंदोलन की 30वीं एनिवर्सरी को गूगल ने अपने डूडूल के जरिए काफी आकर्षक तरीके से दिखाया है। ये आंदोलन शीत युद्ध खत्म करने और जर्मनी के एकीकरण के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया गया था। गूगल ने जो अपना डूडल बनाया है उसने भी एक दीवार को तोड़कर दिखाया गया है, जिसके बाद दो लोग आपस में गले मिल रहे हैं।

इस दीवार का निर्माण 13 अगस्त 1961 को शुरु हुआ और 9 नवम्बर, 1989 के बाद के सप्ताहों में इसे तोड़ दिया गया। बर्लिन की दीवार अन्दरुनी जर्मन सीमा का सबसे प्रमुख भाग थी और शीत युद्ध का प्रमुख प्रतीक थी। दूसरे विश्वयुद्ध के बाद जब जर्मनी का विभाजन हो गया, तो सैंकड़ों कारीगर और व्यवसायी प्रतिदिन पूर्वी बर्लिन को छोड़कर पश्चिमी बर्लिन जाने लगे। बहुत से लोग राजनैतिक कारणों से भी समाजवादी पूर्वी जर्मनी को छोड़कर पूँजीवादी पश्चिमी जर्मनी जाने लगे (जर्मन: Republikflucht)। इससे पूर्वी जर्मनी को आर्थिक और राजनैतिक रूप से बहुत हानि होने लगी।

बर्लिन दीवार का उद्देश्य इसी प्रवासन को रोकना था। इस दीवार के विचार की कल्पना वाल्टर उल्ब्रिख़्त के प्रशासन ने की और सोवियत नेता निकिता ख्रुश्चेव ने इसे मंजूरी दी। बर्लिन की दीवार बनने से यह प्रवास बहुत कम हो गया – 1949 और 1962 के बीच में जहाँ 25 लाख लोगों ने प्रवास किया वहीं 1962 और 1989 के बीच केवल 5,000 लोगों ने। लेकिन इस दीवार का बनना समाजवादी गुट के प्रचार तंत्र के लिए बहुत बुरा साबित हुआ। पश्चिम के लोगों के लिए यह समाजवादी अत्याचार का प्रतीक बन गई, खास तौर पर जब बहुत से लोगों को सीमा पार करते हुए गोली मार दी गई।