न्यूयॉर्क: पिछले एक महीने में देश-विदेश में जोर पकड़ रहे #MeToo मूवमेंट के तहत तमाम महिलाओं ने अपने साथ हुए यौन उत्पीड़न की घटनाओं को उजागर किया. हालांकि इसके बाद खबर आई कि गूगल ने अपने ऐसे कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया जिनपर उत्पीड़न के आरोप लगे थे. अब खबर सामने आ रही है कि महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न के मामलों में नरमी दिखाए जाने के खिलाफ कंपनी के हजारों कर्मचारियों ने गुरुवार को न्यूयॉर्क ऑफिस में काम का बहिष्कार किया.

गूगल मैनेजमेंट के खिलाफ वैश्विक विरोध के हिस्से के तहत गुरुवार को हजारों कर्मचारी गुरुवार को कंपनी के बिग एप्पल कार्यालयों से वॉकआउट कर गए. कर्मचारियों ने यह वॉकआउट समाचार पत्र ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ में छपी एक रिपोर्ट के बाद किया जिसमें कहा गया था कि यौन उत्पीड़न के आरोपी एंड्रॉयड निर्माता एंडी रूबिन को कंपनी ने 2014 में जब कंपनी से निकाला था तो उन्हें 9 करोड़ डॉलर का पैकेज दिया था.

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, सिंगापुर, टोक्यो और अन्य एशियाई देशों में स्थित गूगल के कार्यालयों में कर्मचारियों ने सबसे पहले विरोध जताया जिसकी आंच लंदन, बर्लिन और ज्यूरिख जैसे यूरोपीय शहरों में भी देखी गई. ‘द टाइम्स’ में रिपोर्ट छपने के बाद अपनी प्रतिक्रिया में गूगल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदर पिचई ने यौन उत्पीड़न के खिलाफ कंपनी के रुख के बारे में कर्मचारियों को आश्वस्त करने की कोशिश की.

पिचई ने कहा, “यौन उत्पीड़न के मामलों में पिछले दो वर्षों में हमने 13 वरिष्ठ प्रबंधकों सहित 48 लोगों को नौकरी से निकाला है.”

(इनपुट एजेंसी से भी)