ब्रुसेल्स। यूरोपीय संघ ने इंटरनेट सेवाएं देने वाली कंपनी गूगल पर बाजार में अपनी अग्रणी स्थिति का दुरुपयोग करने को लेकर 4.9 अरब यूरो (करीब पांच अरब डॉलर) का एंटीट्रस्ट जुर्माना लगा दिया है. भारतीय मुद्रा में यह रकम करीब 34 हजार करोड़ रुपये बैठती है. यह जुर्माना बाजार में अपनी वर्चश्व की स्थिति का नाजायज फायदा उठाते हुए अपने एंड्रॉयड मोबाइल ऑपरेटिंग (ओएस) सिस्टम के प्रतिस्पधिर्यों को बाजार से बाहर रखने की चालें अपनाने के आरोप में लगाया जा रहा है. Also Read - Paytm removed from Play Store: Google ने हटाया Paytm, जानें अब आपके पैसों का क्‍या होगा

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एंड्रॉयड का दुरुपयोग का आरोप Also Read - Kormo Jobs: Google ने भारत में इस एम्प्लॉयमेंट ऐप का किया विस्तार, इसके जरिए आसानी से मिलेगा एंट्री लेवल जॉब्स 

यूरोपीय संघ की प्रतिस्पर्धा आयुक्त मार्गरेट वेस्टगर ने कहा कि गूगल ने अपने ब्राउजर और सर्च इंजन के बाजार के विस्तार के लिए एंड्रॉयड के दबदबे का दुरुपयोग किया है. यह फैसला तीन साल की जांच के बाद ऐसे समय में आया है जब अमेरिका द्वारा इस्पात एवं एल्युमिनीयम पर शुल्क लगाने के कारण अमेरिका के साथ यूरोपीय संघ का पहले ही विवाद चल रहा है. वेस्टगर ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि यूरोपीय संघ ने प्रतिस्पर्धा नियमों के उल्लंघन को लेकर गूगल पर 4.34 अरब यूरो का जुर्माना लगाने का निर्णय लिया है. गूगल इंटरनेट सर्च में अपनी हिस्सेदारी को मजबूत करने के लिए अवैध गतिविधियों में संलिप्त है. उसे 90 दिनों के भीतर या तो से गतिविधियां बंद करनी होगी वर्ना उसे औसत दैनिक राजस्व का पांच प्रतिशत जुर्माना के तौर पर भुगतान करना होगा.

वेस्टगर ने की सुंदर पिचाई से फोन पर बात

वेस्टगर ने जुमार्ने के निर्णय की अग्रिम सूचना देने के लिए मंगलवार की रात गूगल सीईओ सुंदर पिचाई से फोन पर बातें की थी. वेस्टगर ने कहा कि गूगल ने सैमसंग और हुआवे जैसी स्मार्टफोन निर्माता कंपनियों के साथ गठजोड़ कर स्मार्टफोन में अपना ब्राउजर और सर्च इंजन प्रीइंस्टॉल करा प्रतिस्पर्धियों के मौके छीने. उन्होंने कहा कि गूगल ने अपनी कई अन्य एप और सेवाओं के इस्तेमाल के बदले गूगल सर्च को डिफॉल्ट सर्चइंजन बनाने की बाध्यता रखी. इनके अलावा उसने गूगल सर्च को प्री – इंस्टॉल कराने के लिए स्मार्टफोन निर्माताओं और मोबाइल नेटवर्क कंपनियों को वित्तीय प्रोत्साहन भी दिये.

व्यापार को लेकर बढ़ सकता है तनाव

ऐसी आशंका है कि इससे अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार को लेकर तनाव बढ़ सकता है. यूरोपीय संघ की प्रतिस्पर्धा आयुक्त मार्गरेट वेस्टगर यहां आज प्रेस कांफ्रेंस में इसकी घोषणा की. उन्होंने कहा कि गूगल ने सैमसंग और हुआवे जैसी स्मार्टफोन निर्माता कंपनियों के साथ गठजोड़ कर बाजार में अग्रणी स्थिति का दुरुपयोग किया है.

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गूगल पर खरीदारी के एक मामले में यूरोपीय संघ पहले ही रिकॉर्ड 2.4 अरब डॉलर का जुर्माना लगा चुका है. इससे पहले यूरोपीय संघ अमेरिका की दो अन्य बड़ी कंपनियों एप्पल और फेसबुक पर भी भारी – भरकम जुर्माना लगा चुका है. अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार शुल्क को लेकर जारी तनाव के बीच इस निर्णय से तनाव नए उच्च स्तर तक पहुंच सकता है.

अपील करेगा गूगल

वहीं गूगल के प्रवक्ता अल वर्नी ने एक बयान में कहा कि कंपनी इस जुर्माने के खिलाफ अपील करेगी. उन्होंने कहा कि एंड्रॉयड ने लोगों के लिए अधिक मौके सृजित किये हैं , कम नहीं किये. मजबूत पारिस्थितिकी, तेज नवाचार और कम कीमतें शानदार प्रतिस्पर्धा के पारंपरिक सूचक हैं. हम यूरोपीय संघ के निर्णय के खिलाफ अपील करेंगे.