दुनिया के सबसे बड़ी टेक कंपनियों में शुमार गूगल ने अपने फ्लैगशिप Pixel डिवाइसेज को लेकर एक चौकाने वाला ऐलान किया है। Google का दावा है कि उसने अपने Pixel सीरीज के स्मार्टफोन्स में सिक्योरिटी को ध्यान में रखते हुए खास तरह की Titan M चिप यूज की है। यह चिप इन फोन्स को काफी सिक्योर बनाती है और डिवाइस में मौजूद डाटा को सुरक्षित रखती है। गूगल का कहना है कि वह Pixel स्मार्टफोन/टैब को हैक करने वाले हैकर्स को 1.5 मिलियन डॉलर करीब 10 करोड़ 76 लाख रुपये देगा।

Google की ओर से जारी बयान में कंपनी का कहना है कि इनाम रखने का मकसद यह है कि वह इनमें रह गए बग्स को फिक्स करना चाहती है। बता दें कि Titan M चिपसेट को डिवाइसेज में इन-बिल्ट सिक्योरिटी के लिए सबसे जाना जाता है। सिक्योरिटी रेटिंग में Titan M चिप पहली रेटिंग में आता है। गूगल ने यह इनाम एंड्रॉएड ऑपरेटिंग सिस्टम पर रन करने वाले डिवाइस को हैक करने पर रखा है। गूगल यह इनाम अपनी बग बाउंटी प्रोग्राम (Google Bug Bounty Programs) के तहत दे रहा है। गूगल का कहना है कि इस बग बाउंट प्रोग्राम में हिस्सा लेने वाले डेवलपर्स को बग ढ़ूढने पर एडवांस में यह इनाम देगी।

बता दें कि गूगल ने बग बाउंटी प्रोग्राम साल 2015 में शुरू किया है। इसके साथ ही गूगल अब तक चार सालों में करीब 4 मिलियन डॉलर दे चुका है। अपने बयान में गूगल ने बताया कि बग बाउंटी प्रोग्राम के तहत वह अब तक 1800 लोगों को इनाम दे चुका है। इसके साथ ही पिछले 12 महीने में कंपनी 1.5 मिलियन डॉलर बग ढ़ूंढने वालों के दे चुकी है।

बता दें कि गूगल ही नहीं कई दूसरी टेक कंपनियां अपने सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर के सिक्योरिटी प्रोग्राम में बग ढूढंने वाले यूजर्स को इनाम देती है। इतना ही नहीं कंपनियां बग का सॉल्यूशन बताने वाले डेवलपर्स को भी इनाम देती है।