नई दिल्ली: हर किसी के लिए वेब को सुरक्षित स्थान बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए गूगल इंडिया ने मंगलवार को एनसीईआरटी के साथ भागीदारी में स्कूलों में सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) पाठ्यक्रम में ‘डिजिटल नागरिकता और सुरक्षा’ पर एक पाठ्यक्रम को एकीकृत करने की घोषणा की है. देश के 14 लाख स्कूलों में कक्षा एक से बारहवीं कक्षा तक के छात्रों को अब इंटरनेट सुरक्षा के सामाजिक, नैतिक और कानूनी पहलुओं के बारे में जानकारी दी जाएगी, ताकि वे अच्छे और जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनें. Also Read - CBSE, CISCE Reduce Syllabus 2020-21: CBSE, CISCE 30% के बजाय 50% तक कम कर सकता है सिलेबस, जानें पूरी डिटेल

गूगल इंडिया की निदेशक (भरोसा और सुरक्षा) सुनीता मोहंती ने ‘सुरक्षित इंटरनेट दिवस’ पर एक बयान में कहा, “जो लोग पहली बार ऑनलाइन हो रहे हैं, उन्हें वेब पर संभावित नकारात्मक अनुभवों के बारे भी में पता होना चाहिए. उन्होंने कहा, “उन खतरों पर वार्ता शुरू करना महत्वपूर्ण है, जो नेट पर सर्फिंग करते समय सामने आ सकते हैं. एनसीईआरटी के साथ हमारे पाठ्यक्रम एकीकरण का लक्ष्य बच्चों को ऑनलाइन दुनिया में सुरक्षित रहने की जरूरत के हिसाब से शिक्षा देनी है.” Also Read - UP Board Syllabus: यूपी बोर्ड ने सिलेबस को लेकर उठाया ये बड़ा कदम, कॉमर्स स्ट्रीम में शामिल किया NCERT पाठ्यक्रम 

इसके अलावा, गूगल ने शिक्षकों के लिए एक पाठ्यक्रम भी बनाया है, ताकि वे अपने कक्षाओं में डिजिटल नागरिकता के बारे में सभी विद्यार्थियों को सिखा सकें. सीआईटी-एनसीईआरटी के संयुक्त निदेशक अमरेंद्र बेहरा ने कहा, “तेजी से जुड़ती जा रही दुनिया में, इंटरनेट हमारे छात्रों के लिए सीखने की जगह के रूप में तेजी से उभर रहा है और यह हमारी जिम्मेदारी है कि उन्हें सीखने का सुरक्षित माहौल प्रदान करें.” Also Read - New Academic Calendar: NCERT ने जारी किया नया एकेडमिक कैलेंडर, इंटरनेट, सोशल मीडिया के बिना भी बताएगा पढ़ने के तरीके

पाठ्यक्रम में प्रस्तुत ऑनलाइन सुरक्षा के पाठ्यक्रम को व्यवस्थित रूप से वर्गीकृत किया जाएगा और इसे चार व्यापक विषयों में बांटा जाएगा, जिसमें स्मार्ट होने, सुरक्षित होने, एक डिजिटल नागरिक होने और भविष्य के लिए तैयार होने के पाठ हैं इस पाठ्यक्रम को बच्चों के विभिन्न आयु वर्ग के बौद्धिक और जिज्ञासा की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया गया है.